अवैध खनन पर एसीबी का शिकंजा, जम्मू समेत 3 जिलों में छापेमारी; अधिकारियों-ठेकेदारों के ठिकाने खंगाले
अवैध खनन मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने जम्मू, रियासी और उधमपुर में अधिकारियों व ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी ...और पढ़ें

उधमपुर में हाउसिंग कालोनी में ठेकेदार के घर छापेमारी के दौरान तैनात पुलिसकर्मी।
HighLights
एसीबी ने अवैध खनन मामले में जम्मू संभाग में छापे मारे।
खनन विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों के ठिकाने खंगाले गए।
अवैध खनन नेटवर्क और अधिकारियों की भूमिका के साक्ष्य जुटाए जा रहे।
जागरण संवाददाता, जम्मू। अवैध खनन के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू संभाग के तीन जिलों में माइनिंग विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। एसीबी की टीमें जम्मू, रियासी और उधमपुर में अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं और संबंधित परिसरों को अपने कब्जे में लेकर दस्तावेजों व अन्य सामग्री की तलाशी शुरू की। कार्रवाई का उद्देश्य अवैध खनन से जुड़े नेटवर्क और इसमें अधिकारियों की कथित भूमिका से संबंधित साक्ष्य जुटाना बताया जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रियासी में दो, उधमपुर में दो और जम्मू में एक स्थान पर छापेमारी की जा रही है। जम्मू में एसीबी की टीम ने माइनिंग विभाग के डीएमओ रामेश्वर सांगड़ा के दबलैहड़, आरएसपुरा स्थित आवास पर तलाशी ली।
रामेश्वर सांगड़ा पूर्व में रियासी जिले में तैनात रह चुके हैं और वर्तमान में जम्मू के बाहू प्लाजा स्थित माइनिंग विभाग के कार्यालय में कार्यरत हैं। इसी तरह उधमपुर में हाउसिंग कालोनी और जखैनी के माला क्षेत्र में भी एसीबी की टीमें पहुंचीं। इनमें से एक स्थान एक ठेकेदार से संबंधित बताया जा रहा है।
छापेमारी के दौरान पुलिस के जवान भी रहे तैनात
सूत्रों के अनुसार, संबंधित ठेकेदार की माइनिंग विभाग के अधिकारियों के साथ कथित रूप से करीबी पैठ थी। हालांकि, इस संबंध में एसीबी की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। छापेमारी के दौरान एसीबी की टीमों के साथ पुलिस के जवान भी तैनात रहे।
सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित मकानों को बाहर से घेर लिया गया और तलाशी पूरी होने तक किसी को अंदर-बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई। एसीबी की टीमें दस्तावेजों, लेन-देन से जुड़े रिकार्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही मामले में बरामद सामग्री और आरोपों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
