श्रीनगर, जेएनएन। क्वारंटाइन की समयावधि पूरा करने पर कश्मीर के होटल हिमाल में रखे गए करीब 78 लोगों को घर भेज दिया गया है। हालांकि उन्हें घर जाने के बाद भी अभी कुछ दिनों के लिए परिवार से अलग रहने को कहा गया है। कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुला, अनंतनाग, पुलवामा और कश्मीर के दूसरे हिस्सों में रहने वाले ये लोग लेह से घाटी लौटे थे।

श्रीनगर के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर सैयद हनीफ बल्खी ने बताया कि इन लोगों को डलगेट पर स्थित होटल हिमाल में बनाए गए क्वारंटाइन केंद्र में रखा गया था। आज इन्होंने क्वारंटाइन की समयावधि पूरी कर ली है। इन 14 दिनों में इन लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। लिहाजा इन्हें घर जाने की अनुमति दे दी गई है।

उन्होंने कहा कि क्वारंटाइन केंद्र से जाने वाला यह पहला दल था। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन सभी लोगों ने पूरा सहयोग किया। यही वजह है कि इनके जाने पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के जवानों ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। इन लोगों ने दूसरों के लिए मिसाल कायम की है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इन लोगों को घर जाकर अभी कुछ दिन ओर परिवार के दूसरे सदस्यों से अलग रहने की सलाह दी है। यही नहीं उन्हें किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत पेश आने पर हेल्पलाइन से संपर्क करने को कहा गया है।

लोगों का सहयोग जरूरी: वहीं जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने कोरोना के खिलाफ प्रशासन द्वारा छेड़ी गई जंग में लोगों का सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा कि अभी भी कई लोग अपनी यात्रा संबंधी जानकारी छिपा रहे हैं। यही वजह है कि 4 दिनों में 35 से अधिक मामले सामने आने के बाद उन्हें जम्मू और श्रीनगर, पुलवामा, शोपियां, राजौरी के कई इलाके सील करने पड़े। यही नहीं जम्मू-कश्मीर के तीस से अधिक गांव रेड जोन में रखे गए है। इसके कारण लोगों को परेशानी होना स्वाभाविक है परंतु ये सब लोगों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए ही किया जा रहा है। उम्मीद है कि लोग भी कोरोना के खिलाफ छेड़ी गई जंग में अपना पूरा सहयोग देंगे।

 

Posted By: Rahul Sharma

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