राज्य ब्यूरो, जम्मू : जम्मू कश्मीर सरकार ने प्रदेश में दो अक्टूबर से पंचायत स्तर पर शुरू हो रहे बैक टू विलेज मुहिम के तीसरे चरण को कामयाब बनाने के लिए 776 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है।

जिलों में पंचायत स्तर पर शासन को लोगों के दरवाजे तक तक ले जाने की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों में भारतीय प्रशासनिक सेवा के 24 अधिकारियों के साथ भारतीय वन सेवा के 27 व कश्मीर प्रशासनिक सेवा के 395 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। वीरवार को सरकार ने इन अधिकारियों के अपने अपने इलाकों में डयूटी रोस्टर जारी कर दिया।

बैक टू विलेज की जिला स्तर पर कमान संभालने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में अरुण कुमार मेहता, अटल डुल्लुू , शालीन काबरा, विपुल पाठक, धीरज गुप्ता, असगर सेमून, नवीन चौधरी, डा पवन कोतवाल, रोहित कंसल, शैलेंद्र कुमार, मनोज कुमार द्विवेदी, हृदेश कुमार, सरिता चौहान, सौरभ भगत, एम राजू, शीतल नंदा, यशा मुदगल, सिमरनदीप सिंह, सरमद हाफीज, रमेश कुमार, सैयद आबिद रशीद, मोहम्मद एजाज, विकास कुंडल व अवनी लवासा शामिल हैं।

वही आईएफएस अधिकारियों में सुरेश चुग, प्रमोद कुमार सिंह, मोहित गुप्ता, नीलू गेरा, मोहित गेरा, सुरेश गुप्ता सर्वेश राज, आसिफ मोहम्मद, वासु यादव, जेफ्रेंकाय, बृजमोहन शर्मा, टी रवि कुमार, संदीप कुजुर, अशरफ जिलानी, रमेश कुमार, शैली रंजन, सैमुअल चंगकीजा , एमएम कुमार, इरफान रसूल वानी, शौकत अली चौधरी, जावेद अहमद देवा, बी मोहनदास, सैयद नदीम इरफान अली शाह, विवेक वर्मा, सतपाल, जितेंद्र कुमार व श्वेता जंडियाल शामिल हैं। उनके साथ कश्मीर प्रशासनिक सेवा के 395 अधिकारियों को भी जिम्मेवारियां दी गई हैं।

इन अधिकारियों के साथ सरकार ने वित्त विभाग की अकाउंट सेवा के 48 अधिकारियों, कानून विभाग के 85 अधिकारियों, 38 चीफ इंजीनियर, सरकार के 95 उप सचिवों, निजी सचिवों के साथ योजना विभाग के 63 अधिकारियों के भी बैक टू विलेज मुहिम में डयूटी लगाई गई है।

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