जम्मू, राज्य ब्यूरो। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू कश्मीर में उच्च शिक्षा का होगा विस्तार होगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। उच्च शिक्षा के लिहाज से पहला उपहार 50 नए कॉलेज खोलकर मिलने वाला है। इन कॉलेजों में दो प्रोफेशनल कॉलेज भी शामिल होंगे।

जम्मू कश्मीर में पहली मेडिकल कॉलेज यूनिवर्सिटी बनेगी। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित करने का रास्ता भी साफ हो चुका है। पहले से स्थापित कॉलेजों में से पचास कॉलेजों को मॉडल कॉलेज बनाने की दिशा में काम होगा। कॉलेजों में कौशल विकास को बढ़ावा देने और रोजगार में मददगार साबित होने वाले नए कोर्स शुरू करने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग के डायरेक्टर कॉलेज और जम्मू कश्मीर के सभी विश्वविद्यालयों के डीन को कमेटी में शामिल किया जाएगा।

यह कमेटी नए कोर्स शुरू करने को लेकर रिपोर्ट तैयार करेगी। उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालयों में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए कदम उठाए जाएंगे। कॉलेजों में ढांचागत सुविधाओं के लिए कदम उठाए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग की कोशिश होगी कि गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए कदम उठाए जाएं।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक पहले ही कह चुके है कि जम्मू कश्मीर में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए सरकार प्रभावी कदम उठा रही है। गुणवत्ता पर जोर देते हुए राज्यपाल ने यह भी कहा था कि हमें अगर विश्व के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में स्थान पाना है तो शिक्षा में गुणवत्ता को तो लाना ही पड़ेगा। बताते चलें कि इस समय जम्मू विवि राष्ट्रीय उच्चत्तर शिक्षा अभियान के तहत करीब तीस करोड़ रुपये की लागत से पाठ्यक्रमों में व्यापक बदलाव कर रहा है।

पाठ्यक्रम मौजूदा समय के अनुरूप बनाया जा रहा है। राज्यपाल के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई ने कहा कि कॉलेजों में पाठ्यक्रम को अपडेट किया जाए ताकि प्रतिस्पर्धा की परीक्षाओं में विद्यार्थी बेहतर कर सकें। सरकार के प्रयासों से तय है कि एक नवंबर के बाद जम्मू कश्मीर में उच्च शिक्षा में व्यापके बदलाव होगा।

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