जम्मू, राज्य ब्यूरो : राजकीय मेडिकल कालेज जम्मू के कार्डियो थोरेसिक वैस्क्यूलर सर्जरी विभाग ने मिनिमल एसेस विधि से एक छोटा सा कट लगाकर चालीस वर्षीय महिला के हार्ट वाल्व को बदलने में सफलता हासिल की। इस विधि से खून बहुत कम बहता है।

डाक्टरों ने महिला के दाहिने स्तन के नीचे कट लगाकर छाती को पसलियों के बीच से खोल कर यह सर्जरी की। इसमें छाती को अस्थिर नहीं किया जाता और स्तन की हड्डी भी बरकरार रहती है। इस विधि में कम रक्त बहने के कारण रक्त चढ़ाने की भी अधिक जरूरत नहीं रहती है। यही नहीं इसमें दर्द भी कम होती है। यह कास्मेटिक रूप से भी बेहतर होती है। इसमें चीरे का निशान भी ठिप जाता है।

मेडिकल कालेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में इस तरह की यह पहली सर्जरी है। मरीज काफी बीमार थी और इसे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। उसकी दिल की धड़कन भी स्थिर नहीं थी। इसका कारण हार्ट वाल्व के लीक होना था। यही नहीं इसमें खून भी मात्र 7.6 ग्राम ही था। प्रोटीन की मात्रा भी कम थी। उसे वाल्व बदलने की सर्जरी करने से पहले आइसीयू में रखा गया था। मरीज के इलाज का खर्च आयुष्मान भारत योजना के तहत किया गया। सभी दवाइयां, उपकरण इसी योजना के तहत खरीदे गए।

सर्जरी डा. श्याम सिंह, डा. आइए मीर ने की। इसमें डा. रौफ, डा. अमित थापा, डा. अरविंद कोहली, डा. मोहित अरोड़ा, डा. विवेक गंडोत्रा, डा. जावेद ने सहायता की। एनेस्थीसिया डा. पूजा विमेश, डा. रसमीत कौर, डा. विकास गुप्ता ने दिया। शिव कर्ण सिंह, विकास शर्मा, आरिफ, सुमित, सलीम, कर्ण सिंह, अभिरंजन कोतवाल पैरामेडिकल टीम में शामिल थे।

Edited By: Rahul Sharma