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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Amarnath Yatra Cloud Burst : अभी भी 40 श्रद्धालु लापता, एनडीआरएफ की तीन, सेना की 10 रेस्क्यू टीमें और डाग स्क्वायड हरकत में

By Rahul SharmaEdited By:
Published: Sat, 09 Jul 2022 06:51 AM (IST)Updated: Sat, 09 Jul 2022 07:53 AM (IST)

एनडीआरएफ की एक टीम पहले से पवित्र गुफा के पास तैनात है। दो टीमों को यात्रा मार्ग पर बरारी मार्ग ...और पढ़ें

नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स के डायरेक्टर जनरल अतुल करवाल हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स के डायरेक्टर जनरल अतुल करवाल हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : बाबा अमरनाथ गुफा के करीब बादल फटने से उपजे हालात के बाद प्रदेश प्रशासन ने बचाव और राहत कार्य में ताकत झोंक दी है। अभी तक इस त्रासदी में 15 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 40 के करीब श्रद्धालु अभी भी लापता हैं।यात्रा से पूर्व नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की तीन टीमों (एक टीम में 30 जवान) के अलावा सेना की भी 10 रेस्क्यू टीमें पवित्र गुफा से लेकर यात्रा मार्ग पर तैनात हैं।

नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स ने सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, आइटीबीपी और पुलिस के साथ युद्ध स्तर पर राहत अभियान छेड़ रखा है। डाग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए तीन टीमें काम कर रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद हालात पर नजर रखे हुए हैं।

चीखो पुकार के बीच मलबे से निकाले जा रहे घायलों को सेना, सुरक्षाबलों के जवान देवदूत बनकर कंधों पर लाद कर हेलीकाप्टरों तक पहुंचा रहे हैं। मलबे से 13 लोगों के शवों को बरामद कर लिया है। मौतों का आंकड़ा बढ़ना तय है।

बरारी मार्ग, पंचतरणी से टीमों को बुलाया : एनडीआरएफ की एक टीम पहले से पवित्र गुफा के पास तैनात है। दो टीमों को यात्रा मार्ग पर बरारी मार्ग, पंजतरणी से राहत अभियान को तेजी देने के लिए बुला लिया है। जरूरत पडऩे पर एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें भी पड़ोसी राज्यों से पवित्र गुफा से भेजी जा सकती हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स के डायरेक्टर जनरल अतुल करवाल हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

सेना की उत्तरी कमान की 10 रेस्क्यू टीमें जुटीं : ऐसे हालात में सेना की उत्तरी कमान भी पूरी तरह से सक्रिय हो चुकी है। इस समय पवित्र गुफा के पास सेना की 10 रेस्क्यू टीमें काम कर रही हैं। लोगों को बचाने के लिए सेना के डाग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। रात को अभियान जारी रखने के लिए जनरेटर आदि का बंदोबस्त किया है। घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए सेना के हेलीकाप्टरों के साथ एडवांस लाइट हेलीकाप्टर भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों के साथ स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीमें भी इस समय लोगों को बचाने के लिए अपना पूरा सहयोग दे रही हैं।

केंद्र हर संभव सहयोग दे रहा : अमरनाथ की पवित्र गुफा के निकट बादल फटने से पैदा हुए हालात पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पूरी नजर रखे हुए है। उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री को टेलीफोन पर पवित्र गुफा के हालात के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डा. जितेन्द्र सिंह का कहना है कि पवित्र गुफा के निकट राहत अभियान को तेजी देने के लिए केंद्र सरकार की ओर हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। राहत एवं पुनर्वास कार्यों को तेजी देने के लिए सभी जरूरतें पूरी की जाएंगी। सेना, सुरक्षाबल राहत अभियान को तेजी देने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं। हालात में इस समय पवित्र गुफा के पास सेना, सुरक्षाबल बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करते हुए अधिक से अधिक लोगों को बचाने के लिए जोर लगा रहे हैं।