श्रीनगर, जेएनएन : ऐसी अटकलें लगाई जा रही थी कि जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर आए गृहमंत्री अमित शाह गत सोमवार को मौसम खराब होने की वजह से दिल्ली वापस नहीं लौट पाए परंतु ऐसा नहीं था। दरअसल वे जब शाम को पुलवामा में सीआरपीएफ की एक बटालियन मुख्यालय में सैनिक सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे तो उनका मन वहां से वापस लौटने का नहीं हुआ। उन्होंने अपने दिल की बात जवानों के समक्ष रखते हुए कहा कि मैं तीन दिन से यहां हूं, लेकिन मेरे दौरे का सबसे अहम कार्यक्रम यही है। मैं आप लोगों के बीच खुद को पाकर बहुत आनंदित हूं। मैं आज रात आप लोगों के बीच यहीं पुलवामा में रहूंगा। हमारे साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बतौर मेहमान यहां रहेंगे।

इससे पूर्व उन्होंने सम्मेलन के दौरान सीआरपीएफ, बीएसएफ समेत सभी केंद्रीय अर्द्धसैनिकबलों की कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति की सराहना करते हुए अधिकारियों व जवानों के लिए दोहरे आयुष्मान कार्ड की सुविधा का एलान भी किया। उन्होंने कहा कि एक कार्ड जवान के पास और एक उसके स्वजन के पास रहेगा। उन्हें उपचार के लिए न पैसा खर्च करना होगा और न किसी से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि जिस मुस्तैदी के साथ आप किसी भी परिस्थिति में मोर्चे पर डटे रहते हैं, उसी कारण आज देश चैन की नींद सो सकता है। शाह पुलवामा आज सुबह शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर वापस दिल्ली लौट जाएंगे।

शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में जारी विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि जब हम सरकार में आए, उस समय भारत दुनिया की 11वीं अर्थव्यवस्था था, आज हम पांचवें-छठे स्थान पर हैं और 2024 तक हम तीसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। विकास की यह गति तभी बनी रहेगी जब यहां सुरक्षा और शांति का माहौल बना रहे। उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

प्रधानमंत्री ने इसे एक अलग तरीके से मनाने का फैसला किया है। देश के विकास में योगदान करने वालों की पीठ को थपथपाया जा रहा है। इसके साथ ही यह नए लक्ष्य तय करने का भी वक्त है। देश की आजादी के 75वें साल पर लोगों को एक लक्ष्य तय करना है कि देश जब आजादी के 100 साल मनाएगा तो वह उस समय देश को कहां देखना चाहते हैं। मैं आपको यहां कोई लक्ष्य नहीं देने आया हू्ं, परंतु यह कहने आया हूं कि सभी लक्ष्यों की पूर्ति तभी हो सकती है जब हमारे देश पर गलत नजर रखने वालों को आप नाकाम बनाएं। कोई यहां शांति व्यवस्था को भंग न कर सके, सुरक्षा और शांति का वातावरण बना रहे हैं।

आज सुबह शहीदों को देंगे श्रद्धांजलि : अमित शाह ने देश की खातिर बलिदान देने वाले पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ व अन्य केंद्रीय अर्धसैन्यबलों के जवानों का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 36 हजार जवान बीते 70 साल में शहीद हुए हैं। इनमेें 2200 से ज्यादा सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए हैं। हम अपने शहीदों को नहीं भुला सकते। मैं सुबह लेथपोरा में शहीद सीआरपीएफ के जवानों के स्मारक पर शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद ही जाऊंगा। बता दें कि लिथपोरा में 14 फरवरी 2014 को एक आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे।

पुलवामा में अमित शाह के भाषण के मुख्य अंश

  1. मैं सीआरपीएफ कैंप में जवानों के साथ एक रात बिताना चाहता हूं, आपके अनुभव और कठिनाइयों को जानना और जज्बे को देखना चाहता हूं।
  2. देश में आर्थिक विकास, औद्योगिक विकास, शिक्षा प्रणाली में बहुत बड़े बदलाव आ रहे हैं, क्योंकि सेना और सीआरपीएफ के जवान मोर्चे पर डटे हैं और सभी नापाक इरादों को धूल में मिलाने में सक्षम हैं।
  3. जब अनुच्छेद 370 और 35ए हटाई गई तब कई अटकलें लगती थी कि रक्तपात होगा, लेकिन आपकी मुस्तैदी के कारण किसी को भी एक गोली भी नहीं चलानी पड़ी। लगभग सभी बलों के यहां 28 हजार से ज्यादा जवान हैं।
  4. जिस पुलवामा को देश और दुनिया हमारे जवानों पर हुए निर्मम हमले के लिए जानती थी, उसी पुलवामा में आज 2000 करोड़ रुपये का मेडिकल कालेज बनने की शुरूआत हुई है।
  5. जम्मू-कश्मीर में कानून और व्यवस्था की स्थिति में बहुत सुधार हुआ है। वर्ष 2014 से 2021 तक नागरिकों की मौतों की संख्या 208 से 30 और सुरक्षाबलों के शहीद जवानों की संख्या 105 से घटकर 60 रह गई है। एक जमाना था जब कश्मीर में पत्थरबाजी आम थी, लेकिन आज पत्थरबाजी की घटनाओं में भी बहुत कमी आई है। आतंकवाद के खिलाफ नरेन्द्र मोदी सरकार की जीरो टालरेंस की नीति है।
  6. अर्द्धसैनिकबलों के जवानों के लिए आयुष्मान के दो कार्ड बनेंगे। एक कार्ड जवानों के पास रहेगा और दूसरा उनके स्वजन के पास। कार्ड पर पूरे परिवार का ब्योरा रहेगा। अगर किसी जवान का कोई स्वजन बीमार हो जाए तो वह खर्चे की परवाह किए बगैर कहीं भी उपचार करा सकेगा। कोई बिल देने की, कहीं धक्के खाने की जरूरत नहीं है। गृह मंत्री ने सम्मेलन में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह दोहरे आयुष्मान कार्ड की सुविधा की योजना को जल्द कार्यान्वित करें।  

Edited By: Rahul Sharma