जम्मू, जागरण संवाददाता। लोगों के घरों से निकलने वाले गंदे पानी को स्वच्छ बनाने के लिए जम्मू में एक और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा। यह प्लांट दो वर्ष के भीतर जम्मू के लोगों को मिल जाएगा और इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन चार मिलियन लीटर को स्वच्छ करने की होगी।

यह जानकारी मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने बाहू फोर्ट इलाके में विकास कार्यों के उद्धाटन के दौरान दी। इस दौरान मेयर के साथ सांसद जुगल किशोर शर्मा भी मौजूद थे। मेयर ने बताया इस ट्रीटमेंट प्लांट के बनने में 51.67 करोड़ रुपये खर्च आएगा जबकि इसके लिए 16.49 करोड़ रुपये की राशि जारी भी हो चुकी है।

इस प्लांट से नरवाला बाला, राजीव नगर, सब्जी मंडी, बाहू गोरखा नगर, राजीव बस्ती, कालिका कालोनी, शेख नगर, बिक्रम चाैक आदि इलाकों से निकलने वाले पानी का ट्रीटमेंट किया जाएगा। इस प्लांट से पांच हजार घरों को जोड़ा जाएगा और उन घरों में रहने वाले 40 हजार लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इस मौके पर मौजूद सांसद जुगल किशोर शर्मा ने इस प्रोजेक्ट के शुरू किए जाने पर नगर निगम की सराहना की। उन्होंने कहा कि निगम ने बेहतर काम किया है। यह प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत अभियान की तरफ मजबूत कदम है।

न्यायपालिका की ओर से व्यक्तित्व विकास पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पंकज मिथल और जम्मू कश्मीर न्यायिक अकादमी के संरक्षक एवं जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर एवं अकादमी की अन्य संचालन समिति के अन्य जजों के मार्गदर्शन पर शनिवार को एक दिवसीय "व्यक्तित्व विकास" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर न्यायपालिका से जुड़े कई न्यायाधीश भी उपस्थित थे।

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय धर ने कहा कि न्याय में स्वतंत्रता और निष्पक्षता और नैतिक मूल्यों के गुणों को विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने आह्वान किया।न्यायिक अधिकारी अपने पेशेवर में सत्यनिष्ठा के उच्च मानकों को अपने जीवन में बनाए रखें। न्यायाधीश ने न्यायधीशों से निष्पक्ष रूप से निर्णय लेने की सलाह दी।जिससे समाज में एक अच्छा संदेश जाए।वही जम्मू कश्मीर के सेवानिवृत जस्टिस मौहम्मद हुसैन अथर ने कहा कि किसी को न्याय देना कोई काम नही है बल्कि समाज के प्रति यह एक परमात्मा की सेवा के समान है। उन्होंने कहा कि जजों की समाज में भूमिका रोल मॉडल की तरह होनी चाहिए। 

Edited By: Vikas Abrol