श्रीनगर, राज्य ब्यूरो । सुखोई और मिराज जैसे युद्धक विमान को डल झील के ऊपर आसामान में कलाबाजियां लगाते हुए देखने का अपना एक अलग ही राेमांच है। करीब तीन हजार छात्र और सात सौ अध्यापकों के अलावा बड़ी संख्या में अन्य लोग इस रोमांच का मजा 26 सितंबर को लेंगे। कश्मीर के युवाओं को वायुसेना का हिस्सा बनने को प्रेरित करने के लिए वायुसेना ने आजादी का अमृत महोत्सव समारोहों की श्रृंखला के तहत एयर शाे के आयाेजन का फैसला किया है।

मंडलायुक्त कश्मीर पीके पोले और जिला उपायुक्त श्रीनगर मोहम्मद एजाज ने इस संदर्भ में बीते दिनाें संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षाधिकारयों से अलग-अलग बैठकें भी की। मंडलायुक्त पीके पाेले ने कहा कि डल झील के किनारे स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर एसकेआईसीसी में 26 सितंबर को तीन हजार छात्र और सात साै शिक्षक जमा होंगे। यह कन्वेंशन सेंटर के लान में बैठ एयर शो का आनंद लेंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान वायुसेना द्वारा एक प्रदशर्नी भी आयोजित की जाने का भी प्रस्ताव है।

इस बीच, श्रीनगर स्थित वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि एयर शो के लिए वायुसेना का सूर्य किरण दस्ता फिलहाल अभ्यास कर रहा है। डल झील के ऊपर आसमान में करतब दिखाने से पहले ऐसा ही एक शो सुखना झील , चंडीगढ़ में भी होगा। स्क्वाड्रन लीडर नवजोत सिंह के नेतृत्व मे सूर्यकिरण दस्ता करीब आधे घंटे तक आकाश में विभिन्न करतब दिखाएगा। उन्होेंने बताया कि इस शाे के जरिए हम स्थानीय छात्रों को वायुसेना में शामिल होने के लिए रुचि को बढ़ाना चाहते है। आकाश में जब सूर्यकिरण दस्ता करतब दिखाएगा, उस समय नीचे डल झील के किनारे शेर-ए-कश्मीर कन्वेंशन सेंटर पर वायुसेना का बैंड भी अपनी मोहक धुनों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करेगा।

आपको जानकारी हो कि वायुसेना का सूर्य किरण दस्ता पहले भी डल झील के ऊपर आकाश में अपने करतब दिखा चुका है। करीब 14 साल बाद श्रीनगर में यह दूसरा एयर शो होगा।

जिला उपायुक्त माेहम्मद एजाज ने बताया कि एयर शाे में शामिल किए जा रहे अधिकांश छात्र श्रीनगर और उसके साथ सटे स्कूलों के हैं। एयर शो के दौरान हम काेविड-19 प्रोटोकाल का पूरा पालन कर रहे हैं, इसलिए छात्राें की संख्या सीमित रखी गई है।  

Edited By: Rahul Sharma