जम्मू, राज्य ब्यूरो: देशभर में घातक कोविड महामारी के अतिरिक्त बलैक फंगस के मामले भी कुछ राज्यों में सामने आये हैं। जीएमसी जम्मू में आप्थामालोजी विभाग के एचओडी डाॅ. सतीश गुप्ता ने कहा कि जम्मू कश्मीर में बलैक फंगस का कोई भी मामला सामने नही आया है। उन्होंने कहा कि अभी तक हमने हाल के महीनों में ब्लैक फंगस संक्रमण का कोई मामला नहीं देखा है।

पिछले साल नवंबर महीने में हमारे पास एकमात्र मरीज आया था और उसका सफलतापूर्वक इलाज किया गया था। उन्होंने कहा कि वह कोविड-19 से पीडित सभी लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे सतर्क रहें और कोविड के उचित व्यवहार का पालन करते रहें।डॉ. सतीश गुप्ता ने कहा कि ब्लैक फंगस आमतौर पर अनियंत्रित मधुमेह वाले कोविड से ठीक हुए व्यक्तियों या उन लोगों को प्रभावित करता है जिन्होंने लंबे समय तक या स्टेरॉयड की खुराक ली है। उन्होंने कहा, ‘कैंसर के मरीज, जिनका अंग प्रत्यारोपण हुआ है और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग ब्लैक फंगस के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।उन्होंने जनता को कंजक्टिवाइटिस को ब्लैक फंगस इन्फेक्शन से भ्रमित न करने की सलाह दी।

कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए बनाएं कमेटी: सरकार ने स्वास्थ्य विभाग से कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को रोकने के लिए कमेटी का गठन करने को कहा है। यह निर्देश मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रहमण्यम ने दिए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के सभी डिप्टी कमिश्नरों को कोविड केयर के सभी बीस हजार बिस्तर फिर से बनाने को कहा। इनमें उन मरीजों को रखने को कहा गया जो कि मामूली रूप से बीमारदहै और घरों में रहने के लिए जगह नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह कोविड केयर सेंटर ग्रामीण क्षेत्रों के पास अधिक बनाए जाएं जहां पर इस समय संक्रमण के अधिक मामले आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को इन सेंटरों में से कुछ में आक्सीजन की सुविधा वाले विस्तर भी बनाने को कहा गया। उन्होंने सभी डिप्टी कमिश्नरों से उपलब्ध स्टाफ को टीकाकरण, टेस्टिंग, निगरानी और लोगों को जागरूक करने के लिए लगाने को कहा। यही नहीं सभी कोविड मरीजों को कोरोना किट़्स देने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कोरोना को रोकने के लिए आशा और आंगनवाड़ी वर्कर्स को प्रशिक्षित करने को कहा ताकि वह सहयोग कर सकें।

 

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