जम्मू, विवेक सिंह: जम्मू कश्मीर में कोरोना संक्रमण को रोक बहुमूल्य जानें बचाने के लिए सैन्य अस्पतालों में युद्ध स्तर पर जद्दोजहद जारी है। सेना की उत्तरी कमान के अस्पताल अपनी क्षमता से कई गुणा अधिक काम कर रहे हैं।

ऐसे हालात में सेना के डाक्टर नर्सिंग स्टाफ के सदस्यों ने मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने में सारी ताकत झौंक दी है। ऐसे में सेना के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से मेडिकल कोर के अधिकारियों व स्टाफ का हौंसला बढ़ा रहे हैं। बुधवार को आर्मी चीफ एमएम नरवने ने सतवारी सैन्य अस्पताल का दौरा किया था।

सेना की उत्तरी कमान, पश्चिमी कमान के साथ जम्मू एयरफोर्स स्टेशन की चिकित्सा संबंधी जरूरतों को पूरा करने वाले सतवारी के 166 सैन्य अस्पताल में दिन राम काम हो रहा है। शहर के सतवारी स्थित इस सैन्य अस्पताल में सैन्यकर्मियों के साथ पूर्व सैनिकों व उनके परिजनों को कोरोना से बचाने के लिए अस्पताल के कमांडेंट ब्रिगेडियर केजे सिंह की देखरेख में दिन रात काम हो रहा है। अब तक इस अस्पताल में 2400 से अधिक कोरोना मरीजों को इलाज कर उन्हें ठीक कर घर भेजा जा चुका है। इस समय अस्पताल में कोविड के मरीजों के लिए 200 बिस्तरों की व्यवस्था है।

वैसे तो यह अस्पताल सेना की उत्तरी कमान का है, लेकिन यह सेना की पश्चिमी कमान के टाइगर डिवीजन व जम्मू एसरफोर्स स्टेशन से सटा हुआ है। ऐसे में सैन्य अस्पताल टाइगर डिवीजन व वायुसेना की जरूरतों को भी पूरा करता है।

मौजूदा हालात में चिकित्सा सबंधी जरूरताें को पूरा करने के लिए तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। अस्पताल को कोरोना संक्रमित पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों के लिए भी खोला गया है, ऐसे में स्टाफ की कमी के साथ आक्सीजन च अतिरिक्त बिस्तरों का भी बंदोबस्त किया जा रहा है।

जम्मू के पीआरओ डिफेंस लेफ्टिनेंट कर्नल देवेन्द्र आनंद का कहना है कि सैन्य अस्पताल सैन्यकर्मियों के साथ पूर्व सैनिकों, वीर नारियों व उनके परिवारों की चिकित्सा संबंधी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। सेना मौजूदा हालात में प्रशासन को भी पूरा सहयोग दे रही है। ऐसे में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कोविड केयर सेंटर बना कर हालात का सामना किया जा रहा है। इसके साथ लोगों को कोरोना से बचाव के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।

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