श्रीनगर, जेएनएन: दक्षिण कश्मीर के जिला अनंतनाग के कोकेरनाग के वाइलो इलाके में मंगलवार सुबह आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच शुरू हुई मुठभेड़ लश्कर-ए-तैयबा के तीनों आतंकियों को मार गिराया गया है। अंतनाग मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकियों की पहचान इलियास अहमद डार उर्फ समीर पुत्र बशीर अहमद डार निवासी दनवथपोरा, कोकरनाग, उबैद शफी उर्फ अब्दुल्ला पुत्र मोहम्मद शफी डार निवासी बटमालू, श्रीनगर जबकि तीसरे की पहचान साहिल उर्फ खुबैब के तौर पर हुई है। 

उबैद पहली अप्रैल को श्रीनगर के अरिबाग इलाके में भाजपा नेता अनवर खान के मकान पर हमले में शामिल था। उसके दो अन्य साथी दो अप्रैल को काकपोरा पुलवामा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। भाजपा नेता के घर पर हमले की वारदात में लिप्त दो युवतियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

वहीं सेना ने सर्च ऑपरेशन पूरा होने पर अभियान समाप्त कर दिया है। मारे गए आतंकियों के शवों के पास से काफी मात्रा में हथियार व गोलाबारूद भी बरामद हुआ है।

आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने तीनों आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि मुठभेड़ के दौरान आतंकियों को कई बार आत्मसमर्पण करने का मौका दिया गया परंतु वे नहीं माने। लिहाजा मुठभेड़ के दौरान तीनों आतंकियों को मार गिराया गया है। वे स्थानीय थे

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षाबलों को आज तड़के अनंतनाग जिले के वाइलो इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही एसओजी, सेना की 19 आरआर और सीआरपीएफ की 19 बटालियन के जवान इलाके में पहुंच गए और घेराबंदी शुरू कर दी। इस बीच आतंकियों ने सुरक्षाबलों को अपने नजदीक आते देख उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। ये आतंकी एक बाग में अपना ठिकाना बनाए हुए थे। सुरक्षाबलों ने पहले तो आतंकियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा परंतु जब वे नहीं माने तो उन्होंने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।

सुरक्षाबलों को अपने पर हावी होते देख आतंकी बाग से निकल नजदीक में स्थित एक मकान में जा छिपे। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी को मार गिराया। जबकि दो अन्य आतंकियों ने साथी के मारे जाने के बाद भी सुरक्षाबलों पर गोलीबारी का सिलसिला जारी रखा। इस बीच सुरक्षाबलों ने एक बार फिर आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया परंतु इस बार भी वे नहीं माने। 

करीब पांच घंटे तक चली इस मुठभेड़ में सुरक्षाकर्मी तीनों आतंकियों को मारने में सफल रहे। हालांकि आतंकियों के मारे जाने के बाद भी सेना ने आसपास के मुहल्लों में और आतंकियों की मौजूदगी को जांचने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। जब यह पुष्टि हो गई कि इलाके में अब और कोई आतंकी मौजूद नहीं है तो सेना ने अभियान समाप्त कर दिया। मुठभेड़ समाप्त होते ही हाईवे पर वाहनों की आवाजाही को सुचारू कर दिया गया। आपको बताया दें कि इस वर्ष अब तक जम्मू-कश्मीर में 46 आतंकवादी मारे गए हैं और उनमें से ज्यादातर शोपियां जिले से थे।

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