जम्मू, जागरण संवाददाता: चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के चुनाव सम्पन्न हो गए है। नई टीम चुन कर सामने आ गई है लेकिन इस पूरी चुनाव प्रक्रिया में एक बहुत बड़ी गलती उभर कर सामने आई है जिसका खामियाजा उम्मीदवारों को भुगतना पड़ा। पहली बार कोर्ट के निर्देश पर यह चुनाव हुए और शायद पहली बार चैंबर के महासचिव व कोषाध्यक्ष पद के लिए 200-300 वोट रद हुए।

यह तो गणिमत रही कि चुनाव कोर्ट द्वारा नियुक्त रिसीवर की अध्यक्षता में हुए, वरना इतनी संख्या में वोट रद होना झगड़े का कारण बनता। वास्तव में महासचिव व कोषाध्यक्ष पद के लिए पांच-पांच उम्मीदवार मैदान में थे। बैलेट पेपर पर इन्हें एक लाइन में रखने की बजाय दो लाइट में बांटा गया। अन्य शेष सभी पदों के लिए उम्मीदवारों के नाम व फोटो एक ही लाइन में थी।

इस कारण मतदाताओं ने महासचिव व कोषाध्यक्ष पद के लिए ऊपर के तीन व नीचे के दो उम्मीदवारों में से एक-एक पर मुहर लगा दी। इससे महासचिव पद के लिए 219 जबकि कोषाध्यक्ष पद के लिए 302 वोट रद कर दिए गए। अब इसका किसे नुकसान हुआ और इसका कसूरवार कौन था, यह सवाल ही रह गया।

नए चेहरे और जिम्मेदारियां बड़ी: चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू की नई टीम ने वीरवार को अपनी कुर्सी संभाल ली। इस बार छह सदस्यीय इस टीम में नए चेहरे भी शामिल है। प्रधान अरूण गुप्ता पहले महासचिव रह चुके है लेकिन उनके लिए यह जिम्मेदारी नई व चुनौतीपूर्ण होगी। महासचिव पद पर गौरव गुप्ता आए है जो सचिव रह चुके है। कनिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गुप्ता एकमात्र ऐसे पदाधिकारी है जो पहले भी इस पद पर रह चुके है। इसके अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर अनिल गुप्ता, सचिव पद पर राजेश गुप्ता व कोषाध्यक्ष पद पर राजेश गुप्ता चैंबर में नए चेहरे है। ऐसे में तीन नए व तीन पुराने चेहरों वाली इस टीम पर चैंबर की प्रतिष्ठा को कायम रखते हुए जम्मू के हित के लिए काम करने की बड़ी जिम्मेदारी है। उद्योग व व्यापार जगत की नई चुनौतियां सामने खड़ी है। दो साल के लिए चुनी गई इस टीम को अब आपसी तालमेल बनाकर अपनी योग्यता सिद्ध करनी होगी ताकि जम्मू को एक बुलंद आवाज मिल सके।

रिश्तेदारी की डोर आई काम: चैंबर के चुनाव शुरू होते ही उम्मीदवारों ने रिश्तों की डोर खींचना शुरू कर दी थी और आखिरकार यहीं डोर उम्मीदवारों को जीत दिलाने में सहायक भी साबित हुई। लंबे अर्से के बाद एक बार फिर चैंबर में महाजन बिरादरी का संपूर्ण कब्जा हुआ है। उद्योग व व्यापार जगत में महाजन बिरादरी का ही दबदबा रहा है और चैंबर सदस्यों में इनकी संख्या भी अच्छी-खासी है। लिहाजा इस बार उम्मीदवारों ने अपने रिश्तों के दम पर ही चुनाव जीतने की रणनीति बनाई थी और इस रणनीति के तहत प्रचार करने वाले उम्मीदवारों को कामयाबी भी मिली। जिन उम्मीदवारों ने रिश्तों की डोर को जितना मजबूती से पकड़ा, जीत का सेहरा उन्हीं उम्मीदवारों के सिर बंधा। अब लोग चाहे हार-जीत का कोई भी कारण बता रहे हो लेकिन वास्तविकता यहीं रही कि इस बार के चैंबर चुनाव में भावनाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसमें एक राजनीतिक दल की भी विशेष भूमिका रही।

ठंड में ठंडा पड़ा कारोबार: ठंड के मौसम में इन दिनों जम्मू में कारोबार भी ठंडा पड़ा है। माघ माह आरंभ होते ही बाजारों से ग्राहकों की रौनक गायब हो गई है और अब दुकानदारों के पास अलाव सेकने के अलावा कोई काम नहीं बचा है। यहीं कारण है कि सर्दी के इस मौसम में बाजारों में कुछ गर्माहट लाने के लिए शहर के सेल का सीजन समय से पहले शुरू हो गया है। आमतौर पर शहर में सर्दियों की जो सेल फरवरी माह में आरंभ होती थी, वो इस समय शुरू हो गई है। शहर में कपड़ों के लगभग सभी प्रमुख शोरूम में इन दिनों सेल का सीजन शुरू हो गया। बाजार में ग्राहकों की कमी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि शुरूआती सेल में जहां बीस फीसद तक की छूट दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर बाद में 50 फीसद तक ले जाया जाता था, वो सेल इस बार 50 फीसद छूट के साथ ही शुरू हुई है। 

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप