जम्मू, राज्य ब्यूरो: भारतीय सेना वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध् के स्वर्ण विजय दिवस पर उन वीरों को याद कर रही जिन्हाेंने दुश्मन को धूल चटाकर एतिहासिक जीत हासिल करने में योगदान दिया था।

भारतीय सेना ने सोलह दिसंबर 1971 काे पाकिस्तान के जनरल एएके नियाजी के नेतृत्व में 93000 पाकिस्तानी सैनिकों का आत्मसमर्पण करवाकर इतिहास रचा था। इस युद्ध् से पाकिस्तान दो हिस्सों में विभाजित हो गया था व नए देश के रूप में बांग्लादेश का जन्म हुआ था। सेना वर्ष 2021 को इस एतिहासिक युद्ध् की गोल्डन जुबली के रूप में मना रही है। ऐसे में गोल्डन जुबल वर्ष में जम्मू कश्मीर में सेना कार्यक्रमों का आयोजन कर कई प्रकार की गतिविधियों के आयोजन के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ अपने पूर्व सैनिकों को सम्मानित करेगी।

इस सिलसिले में सांबा क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले सेना की सनराइज ब्रिगेड ने बुधवार को ब्रिगेड मुख्यालय में देश पर कुर्बान होने वाले अपने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। ब्रिगेड ने गोल्डन जुबल वर्ष पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया था।

इस सिलसिले में मंगलवार को सनराइज ब्रिगेड ने मंगलवार को सांबा जिले के विजयपुर व रामगढ़ सेक्टरों में साइकिल रैली का आयोजन किया था।

इस साइकिल रैली के दौरान सैनिकों ने सांबा के जख गांव से रामगढ़ के कोलपुर गांव तक साइकिल रैली की। रैली के दौरान जवानों ने युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए जागरूक भी किया। साइकिल रैली के समापन पर काैलपुर में आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 1971 कि भारत-पाक युद्ध में हिस्सा लेने वाले कई पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया गया। इसी तरह के कायक्रम बटालियन स्तर भी किए जाएंगे। 

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