विकास अबरोल, जम्मू । खेल के मैदान में ही नहीं पढ़ाई के मैदान में भी प्रदेश की बेटियों ने बाजी मारी है। सीबीएसई की 12वीं कक्षा के नतीजों में कामनवेल्थ खेलों में भाग लेकर देश और प्रदेश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली मीनल गुप्ता और स्कूल नेशनल गेम्स की सर्वश्रेष्ठ जिम्नास्ट बवलीन कौर ने यह साबित कर दिया है कि जीवन में मैदान चाहे खेल का हो या फिर पढ़ाई उनका कोई भी मुकाबला नहीं है।

प्रदेश की दोनों बेटियों के इस अभूतपूर्व प्रदर्शन से यहां उनके अभिभावक खुश हैं तो वहीं विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ी, कोच और स्टेट स्पोटर्स काउंसिल के अधिकारी तक काफी प्रसन्न हैं। दोनों बेटियां सफलता की एक अदभुत मिसाल कायम कर चुकी हैं। ये दोनों ऐसे करोड़ों अभिभावकों के लिए ऐसी मिसाल बन चुकी हैं जो हमेशा से ही इस कहावत पर यकीन रखते थे कि पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तो होगे खराब। अब दौर बदल चुका है खिलाड़ी भी जान चुके हैं कि खेलों में पदक जीतने से कुछ नहीं होने वाला, पढ़ाई के मैदान में भी उन्हें अपना शतप्रतिशत हर हालत में देना ही है।

मीनल गुप्ता ने 12वीं की परीक्षा के नतीजों में 97 प्रतिशत अंक लेकर यह साबित कर दिया है कि अगर जीवन में कुछ करने की ललक हो तो कोई भी मंजिल पाना मुश्किल नहीं है। वर्ष भी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के कारण मीनल ने आटर्स स्ट्रीम चुना और मात्र दो महीनों में दिनरात परिश्रम करते हुए सफलता के इस मुकाम पर पहुंच पाई है। हालांकि जीवन में उसका मकसद महिला वर्ग में विश्व चैंपियन बनने का है लेकिन सफलता से विभाेर होकर वह अब आइएएस अधिकारी की परीक्षा में भी अपना भाग्य आजमाना चाहती हैं। मीनल ने अब तक 22 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का लाेहा मनवा चुकी हैं। स्पोटर्स अथारिटी ऑफ इंडिया में राज्य की ओर से सम्मान पाने वाली वह पहला खिलाड़ी हैं और उन्हें स्टेट अवार्ड, शेर-ए-कश्मीर अवार्ड सहित स. रंगील सिंह अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका हैं।

अब बात करते हैं प्रतिभाशाली जिमनास्ट बवलीन कौर की। प्रदेश की प्रतिभाशाली जिमनास्ट बवलीन कौर ने सीबीएसई की 12वीं के घोषित परिणामों में आटर्स स्ट्रीम में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वर्ष 2019 में स्टेट अवार्ड की विजेता बवलीन ने खेलो इंडिया गेम्स 2020 में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर तीन स्वर्ण और दो रजत पदक जीते थे। बवलीन ने बताया कि उसका पहला मकसद ग्रेजुएशन करना है। इसके उपरांत ही वह कुछ करने के बारे में सोच सकेंगी। फिलहाल कोरोना वायरस संक्रमण से रोकथाम के लिए परिजनों के साथ ही घर पर समय बीताती हूं। कुछ समय के लिए अभ्यास भी करती हूं और तमन्ना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीत सकूं। गौरतलब है कि बवलीन ने वर्ष 2019-20 में आगरा में आयोजित स्कूल नेशनल गेम्स में भाग लेकर सर्वश्रेष्ठ जिम्नास्ट का खिताब भी हासिल किया था। 

Posted By: Rahul Sharma

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