जागरण संवाददाता, जम्मू : प्री-बजट बैठक में व्यापारी वर्ग ने लखनपुर टोल टैक्स समाप्त करने की मांग जोर शोर से उठाई। उन्होंने कहा कि राज्य में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू है। बावजूद लखनपुर में टोल टैक्स वसूला जा रहा है। यह जीएसटी के एक राष्ट्र-एक टैक्स के उद्देश्य को विफल करने के साथ राज्य की जनता पर दोहरे टैक्स का बोझ डाल रहा है। चैंबर ऑफ ट्रेडर्स फेडरेशन के प्रतिनिधमंडल ने शनिवार को प्री-बजट बैठक में हिस्सा लेते हुए राज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा के समक्ष व्यापार जगत की मुख्य मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल में स. अत्तर ¨सह, परवीन गुप्ता, कैलाश नाथ नागर, दिनेश गुप्ता, बल¨वद्र ¨सह, तुषार महाजन, पराग अबरोल, विनोद महाजन, नारायण ¨सह, शिवकुमार गुप्ता, रमन गुप्ता व एसएस अरोड़ा शामिल रहे। फेडरेशन ने केके शर्मा को ज्ञापन भी सौंपा।

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-सीटीएफ ने रखी यह मुख्य मांगें

-लखनपुर टोल टैक्स समाप्त किया जाए

सीटीएफ ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद वस्तुओं पर टोल टैक्स जारी रहने से राज्य में चीजें महंगी हुई हैं। इससे व्यापार पड़ोसी राज्यों की तरफ मुड़ गया है। इससे राज्य के राजस्व में भी कमी आई है। इसके अलावा ईमानदारी से काम कर रहे राज्य के डीलरों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। कुछ लोग चोरी-छिपे सामान मंगवा रहे हैं और पंजीकृत डीलरों से सस्ता बेच रहे हैं। इससे व्यापारियों को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

व्यापार नीति : सीटीएफ ने कहा कि राज्य में व्यापार नीति की घोषणा तो की गई लेकिन अभी तक इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। रोजगार के सीमित अवसर होने के कारण यही एक क्षेत्र है, जहां युवा अपने रोजगार के साधन तलाश सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि जल्द व्यापार नीति लाई जाए। सीटीएफ ने इसके तहत कोल्ड स्टोरेज व वेयर हाउस की चेन विकसित करने, श्रीनगर व जम्मू में प्रस्तावित ¨रग रोड के साथ कमर्शियल हब बनाने की मांग रखी।

जीएसटी से जुड़े मुद्दे : सीटीएफ ने ई-वे बिल की सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने, ई-कामर्स को नियमित करते हुए छोटे दुकानदारों का भविष्य सुरक्षित करने, जीएसटी के तहत ढांचा खड़ा करने के लिए व्यापारियों की मदद करने, स्टेशनरी व इलेक्ट्रिक उत्पादों पर जीएसटी कम करने, बेकरी व कैट¨रग सर्विस को पांच फीसद की श्रेणी में लाने की मांग रखी।

मंडियों का रखरखाव : सीटीएफ ने अपने ज्ञापन में फल व सब्जी मंडी नरवाल, कनक मंडी व वेयर हाउस को अपग्रेड करने व इनके रखरखाव के लिए अलग से बजट प्रावधान रखने तथा क्रॉस एलओसी ट्रेड में शामिल थोक व्यापारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग उठाई।

Posted By: Jagran