जम्मू : राज्य में वर्ष 2009 में खुले खिदमत केंद्रों को जम्मू-कश्मीर बैंक की लघु शाखाओं में बदलने की मांग को लेकर संघर्षरत संचालकों ने शनिवार को भी अपनी मांग के समर्थन में प्रदर्शन किया। केंद्र संचालकों ने प्रदर्शनी मैदान में अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और मांगें पूरी न होने की सूरत में आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी। ये संचालक पिछले छह दिन से अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे है। जेएंडके खिदमत सेंटर एसोसिएशन के अनुसार वर्ष 2009 में जम्मू-कश्मीर बैंक के वायदे पर यह केंद्र खोले गए और चयन प्रक्रिया के बाद बकायदा इंटरव्यू लेकर युवाओं को यह केंद्र चलाने का लाइसेंस दिया गया। जेएंडके बैंक ने वर्ष 2012 में यह वायदा किया था कि इन केन्द्रों को बैंक की लघु शाखाओं में परिवर्तित किया जाएगा और बिजली-पानी बिल अदायगी समेत अन्य कार्य इन्हीं केन्द्रों से होंगे लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ जिससे सैकड़ों युवा बेरोजगार हो गए है। बैंक की नौकरियों में आरक्षण की मांग करते हुए एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि खिदमत केन्द्रों के संचालक पिछले एक दशक से बैंक के साथ जुड़े है, लिहाजा उन्हें कुछ प्राथमिकता अवश्य मिलनी चाहिए। बैंक की ओर से नई नियुक्तियों के लिए हाल ही में जारी अधिसूचना का विरोध करते हुए एसोसिएशन के सदस्यों ने इस अधिसूचना को खारिज करते हुए खिदमत केन्द्र के संचालकों को बैंक में रोजगार देने की मांग भी की।

Posted By: Jagran