जागरण संवाददाता, जम्मू : विश्व के शक्तिशाली देशों अमेरिका और इंग्लैंड ने भी भारत की सनातन-पुरातन शक्ति को व आयुर्वेद को मान्यता प्रदान कर दी है। जिन रोगों का इलाज मेडिकल साइंस के पास भी नहीं था वे केवल 15 मिनट में सदा के लिए समाप्त हो गए। यह उद्गार ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी जी ने नवरात्र के पावन अवसर पर बड़ी ब्राह्मणा में आयोजित प्रभु कृपा दुख निवारण समागम के प्रथम दिन व्यक्त किए। प्रथम दिन देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी जी से मां दुर्गा का वह आलोक ग्रहण किया, जिससे हर प्रकार के असाध्य कष्ट और रोग तत्क्षण समाप्त हो जाते हैं।

समागम में दिव्य पाठ से होने वाले अनुभवों को सुनकर मंच पर उपस्थित डॉक्टर, वैज्ञानिक, बुद्धिजीवी और विशिष्ट अतिथि हैरान रह गए। समागम शनिवार को दिन में 4 बजे से शुरू होकर देर रात तक चला। रविवार को भी समागम दिन में 4 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलेगा।

परम पूज्य ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी जी ने कहा कि मैं यहां केवल आपके कष्टों, दुखों, समस्याओं और असाध्य रोगों का शास्त्रोक्त विधि से समाधान प्रदान करने आया हूं। आप सब रोग मुक्त हों और अपना जीवन आनंद से जीएं, यही मेरा एकमात्र लक्ष्य है। ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी जी ने कहा कि दिव्य पाठ की शक्तियों का साक्षात्कार आज विश्व के 50 करोड़ लोग कर रहे हैं।

पश्चिमी जगत के जो वैज्ञानिक व बुद्धिजीवी घर्म को नहीं मानते थे वे भी प्रभु कृपा के इस आलोक को सहज ढंग से मान रहे हैं। मेडिकल सांइस के वैज्ञानिक व डॉक्टर हैरान हैं कि जिन रोगों का इलाज उनके पास भी नहीं था वे रोग केवल 10-15 मिनट के पाठ से कैसे दूर हो गए। अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा सहित अनेक देशों के लोग और सरकारें दिव्य पाठ से होने वाले अनुभवों का प्रमाणों के साथ साक्षात्कार करने के बाद हैरान हैं।

ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी जी ने कहा कि दिव्य पाठ कोई जादू या चमत्कार नहीं है बल्कि प्रभु कृपा का वह रहस्यमय आलोक है जो सनातन शक्ति और धर्म शास्त्रों में छुपा हुआ है। मैं वही आपको दे रहा हूं जो प्रभु की कृपा से मैंने प्राप्त किया है। कुछ समय के पाठ से आप स्वयं देखेंगे कि आपका जीवन कैसे बदल रहा है। आपकी तन-मन-धन की समस्याएं ऐसे दूर हो जाएंगी जैसे कि वह थी हीं नहीं। उन्होंने कहा कि प्रभु कृपा का यह आलोक इतना शक्तिशाली है कि कल्पना भी नहीं की जा सकती।

इस अवसर पर भगवान श्री लक्ष्मी नारायण धाम के महासचिव सुशील वर्मा ने बताया कि परम पूज्य सद्गुरुदेव को अमेरिका की न्यूजर्सी स्टेट सीनेट व जनरल असेंबली ने विशेष प्रस्ताव पास कर सम्मान पत्रा प्रदान किया और इनके नाम पर अमेरिका में 'ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी डे' मनाने की घोषणा की गई। इसके अतिरिक्त ब्रिटिश संसद के उच्च सदन हाउस ऑफ ला‌र्ड्स ने भी इनको आमंत्रित कर विशेष रूप से सम्मानित किया। हाउस ऑफ ला‌र्ड्स में इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ के विशेष अधिकारी सांसद स्टीवन पौंड और वरिष्ठ सांसद बैरोनेस ने परम पूज्य सद्गुरुदेव जी को सम्मानित किया। बैरोनेस ने दिल्ली के द्वारका समागम में आकर भी इनको सम्मानित किया। परम पूज्य सद्गुरुदेव जी ने हाउस ऑफ ला‌र्ड्स को संबोधित किया और वहां के सांसदों को भारतीय संस्कृति और सनातन शक्ति से अवगत भी करवाया।

Posted By: Jagran