जागरण संवाददाता, जम्मू : राज्य के पुलिस महानिदेशक दिलबाग ¨सह ने कहा कि अगले माह होने वाले निकाय और पंचायती चुनावों में सुरक्षा की सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। यहां तक कि पुलिस कर्मियों की तैनाती को भी अंतिम रूप दिया गया है। हमारी कोशिश रहेगी कि चुनावों के लिए ऐसा माहौल तैयार किया जाए ताकि लोग अपनी मर्जी से मताधिकारों का प्रयोग कर सकें।

डीजीपी का पदभार संभालने के बाद पहली बार शीतकालीन राजधानी पहुंचे दिलबाग ¨सह रविवार को मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया हरेक की बेहतरी के लिए होती है। चुनावों में चुनौतियों पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षित और साफ सुथरी सरकार देने में चुनौतियां हैं। हम इन चुनौतियों से मुकाबला करना अच्छी तरह जानते हैं। दक्षिण कश्मीर में पिछले दिनों लश्कर के दो पाकिस्तानी समेत पांच आतंकी मारे गए हैं। लोग भी अब हमारा साथ दे रहे हैं। उम्मीद करता हूं आने वाले समय में हालात बेहतर होंगे। डीजीपी ने कहा कि पुलिस सुरक्षा को लेकर वचनबद्ध है। कुछ कमियों को दूर करने की कोशिश की जा रही है ताकि पुलिस कर्मियों में सुरक्षा की भावना पैदा हो सके। जम्मू कश्मीर पुलिस की बेहतरी के लिए हेड कांस्टेबल और एसपीओ के विभागीय पदोन्नति कमेटियों का गठन किया गया है। आतंकी घटनाओं में शहीद होने वाले पुलिस जवानों की अनुग्रह राशि 48 से 70 लाख रुपये किए जाने के लिए मैं सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं। पुलिस महकमे के लिए जो कल्याणकारी योजनाएं हैं, उस पर सरकार से सहयोग की उम्मीद करता हूं।

सुरक्षा की विभिन्न एजेंसियों में आपसी तालमेल पर दिलबाग ¨सह ने कहा कि मैं इससे सहमत नहीं हूं। हर सिस्टम सौ फीसद सही नहीं होता। सभी में कमियां होती हैं। कश्मीर में स्पेशल पुलिस ऑफिसरों को नौकरी छोड़ने की धमकी भरे पोस्टर चस्पा किए जाने पर डीजीपी ने कहा कि यह आतंकियों का कोई नया हथकंडा नहीं है। धमकियों के बाद भी एसपीओ अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। पुलिस कर्मियों की सुरक्षा हमारा पहला कर्तव्य है।

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