जागरण संवाददाता, जम्मू : क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों ने मांगें पूरी नहीं होने पर राजभवन का घेराव करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें इंदिरा चौक में ही रोक लिया। इस दौरान पुलिस और शिक्षकों में धक्का-मुक्की भी हुई। शिक्षकों को भारी पड़ता देख पुलिस ने मार्च का नेतृत्व कर रहे करीब 24 शिक्षकों को हिरासत में ले लिया।

रमसा व एसएसए के तहत नियुक्त शिक्षक सातवें वेतन आयोग की सिफारिश का लाभ देने और उनका वेतन केंद्र से डि¨लक करने की मांग को लेकर कई दिन से क्रमिक भूख हड़ताल पर हैं। करीब 40 हजार शिक्षकों का कहना है कि वे राज्य सरकार के स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं और राज्य कर्मचारी हैं। इसके बावजूद जब सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की बात आई तो उन्हें यह कहकर नजरअंदाज किया जा रहा है कि उनका वेतन केंद्र से आए फंड से जारी होता है। इस कारण राज्य सरकार उन्हें सातवें वेतन का लाभ नहीं दे सकती। रविवार को प्रदर्शनी मैदान में एकत्रित हुए शिक्षकों ने मार्च निकाला और राजभवन का घेराव करने के लिए निकल पड़े। पूरे रास्ते में शिक्षक अपना हक लेने के नारेबाजी करते रहे। इंदिरा चौक के पास पहुंचते ही वहां मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। शिक्षकों की संख्या काफी ज्यादा थी। वे किसी भी कीमत पर रुकने के लिए तैयार नहीं थे। शिक्षकों ने जैसे ही आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए हल्का बलप्रयोग किया। इस दौरान पुलिस व शिक्षकों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। काफी देर तक पुलिस व शिक्षकों के बीच धक्का-मुक्की जारी रही। शिक्षकों को रोकने के लिए पुलिस ने मार्च का नेतृत्व कर रहे करीब 24 शिक्षक नेताओं को हिरासत में ले लिया। बाकी को तितर-बितर कर दिया। इसके बाद कुछ शिक्षक प्रदर्शनी मैदान में धरना स्थल पर पहुंच गए। कुछ ने सिटी पुलिस स्टेशन का घेराव कर हिरासत में लिए शिक्षकों को छोड़ने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में पुलिस ने हिरासत में लिए शिक्षकों को रिहा कर दिया।

शिक्षकों का कहना है कि सरकार चाहे लाख कोशिश कर ले, लेकिन वे अपना हक लिए बिना प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग को जल्द नहीं माना गया तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे।

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