जम्मू, जागरण संवाददाता। अमरनाथ यात्रा मार्ग को प्रदूषणमुक्त और स्वच्छ रखने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। यात्रा मार्ग पर सबसे ज्यादा गंदगी फैलाने वाली खच्चरों की लीद इस बार वहां नहीं दिखेगी क्योंकि सरकार ने खच्चरों को एनीमल डायपर्स पहनाना अनिवार्य कर दिया है। पहले चरण में पांच सौ डायपर्स भी मंगवाए जा चुके हैं।

वन एवं पर्यावरण मंत्री राजीव जसरोटिया ने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए वीरवार को सोनमर्ग में उच्च स्तरीय बैठक की जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त करने के लिए कदम उठाए जाएं। वहीं सोनमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव (सीईओ) एसए रैना ने बताया कि खच्चरों के लिए डायपर्स मंगवाए जा चुके हैं जो जल्द ही मिल जाएंगे।

यात्रा मार्ग पर दुकानें चलाने वाले दुकानदारों को भी निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे बायोडिग्रेडेबल बैग यात्रियों को दें और पोलिथिन का इस्तेमाल बिलकुल न करें। प्लास्टिक की बोतलों के कचरे को संभालने के लिए रिवर्स वें¨डग मशीनें भी यात्रा पर लगवाई जा रही हैं। मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि वे यात्रा मार्ग व सड़क की हालत को बेहतर करें।

ट्रैक पर हाईमास्ट लाइटें भी लगवाई जाएं ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। उन्होंने मौजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर डॉक्टरों, दवाइयों व आपात सेवाओं के बंदोबस्त करने के निर्देश दिए।

उन्होंने वन विभाग को भी जलाने वाली लकड़ी के बंदोबस्त रखने के निर्देश देते हुए कहा कि इस लकड़ी को साधुओं व जरूरत पड़ने पर अंतिम संस्कार के लिए निशुल्क दी जाए। जसरोटियों ने बाटाल में यात्रियों की मदद के लिए कैंप का उद्घाटन भी किया। गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू हो रही है। 

Posted By: Preeti jha