जम्मू, राज्य ब्यूरो। पाकिस्तान व उसकी शह पर सक्रिय आतंकवादियों, अलगाववादियों से सख्ती से निपटा जाएगा। कश्मीर में पैसों के लिए कार्य कर रहे अलगाववादी लोगों में एक्सपोज हो गए हैं। यह बात उत्तर पूर्वी राज्यों की सलाहकार समिति की बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कही।

महबूबा सरकार के नफरत फैला रहे मुश्ताक वीरी को जमीन अलॉट कर खुश करने का मुद्दा उठने पर डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि अलगाववादी लोगों का भला नहीं चाहते। वे अपने फायदे के लिए पाकिस्तान की शह पर कश्मीर के हालात खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्र सरकार उनके खिलाफ कड़े तेवर अपना रही है।

महबूबा सरकार यह जमीन अहले हदीस संगठन को इस्लामिक यूनिवर्सिटी बनाने के लिए दे रही है। पिछली सरकार के कार्यकाल में भी ट्रांस इस्लामिक यूनिवर्सिटी बनाने का मुद्दा विधानसभा में जोर-शोर से उठा था लेकिन इसे सरकार का समर्थन नहीं मिला था।

अब भाजपा-पीडीपी सरकार के कार्यकाल में अहले हदीस को जमीन अलॉट करने पर डॉ. जितेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया कि मामले पर गौर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर में युवाओं की सोच बदल रही है। आतंकवाद प्रभावित इलाकों के 50 युवाओं का नीट की परीक्षा में पास होना इसका सबूत है।

वहीं रमजान में सीमा पर पाकिस्तान की गोलाबारी व कश्मीर में आतंकवादी हमलों में तेजी पर उन्होंने कहा कि केंद्र ने रमजान के दौरान अभियान रोक कर लोगों को अच्छा संदेश दिया था, अब हालात के बारे में समीक्षा करने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के हाल ही में गुलाम कश्मीर को आजाद जम्मू कश्मीर बताने पर डॉ. जितेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों में कोई मसला है तो वह गुलाम कश्मीर को वापस लेना है। संसद ने इसके लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था।

गुलाम कश्मीर पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है।उत्तर पूर्व व जम्मू कश्मीर में आतंकवाद में अंतर पर डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि यहां फायदे के लिए आतंकवाद को शह दी जा रही है। केंद्र सरकार आतंकवाद के प्रति जीरो टालरेंस की नीति अपना रही है।

Posted By: Preeti jha