यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुरहान, खालिद वानी के परिजनों को नहीं दिया है मुआवजा
राज्य ब्यूरो, जम्मू : सरकार ने आतंकवादी कमांडर बुरहान वानी व उसके भाई खालिद मुजफ्फर वानी के परिजनों

राज्य ब्यूरो, जम्मू : सरकार ने आतंकवादी कमांडर बुरहान वानी व उसके भाई खालिद मुजफ्फर वानी के परिजनों को कोई मुआवजा नहीं दिया है। कश्मीर में पत्थरबाजों के पुनर्वास व मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा व नौकरी देने के मुद्दे पर भाजपा व पीडीपी में कश्मकश के चलते यह जानकारी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दी है।
भाजपा विधायक राजीव जसरोटिया के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने लिखित जानकारी दी है कि राज्य के बाहर शहीद होने वाले राज्यों के सैनिकों, सुरक्षा कर्मियों को मुआवजा देने की कोई नीति नहीं है। उन्होंने यह जवाब विधायक के मणिपुर में शहीद हुए डोगरा रेजीमेंट के छह जवानों के परिजनों को कोई मुआवजा न दिए जाने का मुद्दा उठाने पर दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेना ने उड़ी में शहीद हुए सैनिकों को मुआवजा देने संबंधी मामले अभी गृह विभाग को नहीं भेजे हैं, इसलिए अभी तक उनके परिजनों को मुआवजा देना संभव नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री ने जसरोटिया के एक प्रश्न के उत्तर में बताया है कि सरकार की नीति के तहत राज्य में शहीद होने वाले स्टेट सबजेक्ट सैनिकों, सुरक्षा कर्मियों के परिजनों को 5 लाख का मुआवजा दिया जाता है। वहीं, यहां शहीद होने वाले अन्य राज्यों के जवानों के परिजनों को दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जनवरी 2015 से अब तक राज्य में शहीद हुए 77 सैन्य कर्मियों व सुरक्षा कर्मियों के परिवारों को 1.66 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। यह राशि संबंधित यूनिट के कमान अधिकारी के माध्यम से दी जाती है।
