यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संस्कृत शिक्षकों ने दी आत्मदाह की चेतावनी
जागरण संवाददाता, जम्मू : राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से संस्कृत की डिग्री करने वाले रहबर-ए-तालीम शिक्ष

जागरण संवाददाता, जम्मू : राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से संस्कृत की डिग्री करने वाले रहबर-ए-तालीम शिक्षकों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह के भीतर उनको रेगुलर नहीं किया गया तो वे आत्मदाह कर लेंगे। भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री से सोमवार को मिले इन शिक्षकों ने रहबर-ए-तालीम शिक्षकों के दस्तावेज जांचने के लिए बनाई गई स्क्रिनिंग कमेटी के चेयरमैन एवं ज्वाइंट डायरेक्टर मुहम्मद इकबाल पर आरोप लगाया कि वे जानबूझ कर उनके मामले को भटका रहे हैं और डीम्ड यूनिवर्सिटी राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान को आरएसएस का गैर मान्यता प्राप्त स्कूल बता उनको रेगुलर करने की प्रक्रिया में बाधा खड़ी कर रहे हैं।
जेके टीचर्स फोरम की अध्यक्षता में संस्कृत टीचर्स एसोसिएशन के सदस्य भाजपा के संगठन महामंत्री अशोक कौल से भाजपा कार्यालय त्रिकुटा नगर में मिले, जहां उन्होंने अपनी स्थिति उनके सामने स्पष्ट की। वहीं, संस्कृत टीचर्स एसोसिएशन के प्रधान डॉ. विनोद शास्त्री ने कहा कि एक तरफ देश में मोदी सरकार संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए नवोदय विद्यालय व अन्य शिक्षण संस्थानों में इसे पूरी तरह से लागू करवा रही है, जबकि जम्मू-कश्मीर राज्य में भाजपा सरकार इस भाषा के शिक्षकों को न्याय नहीं दिलवा पा रही है। उन्होने बताया कि वे अब तक डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन के अलावा कई मंत्रियों तक को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हुई है। उन्होंने संगठन महामंत्री अशोक कौल को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि इसके बाद वे किसी से बात नहीं करेंगे, बल्कि सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने उनकी समस्या का समाधान न होने पर आत्मदाह की चेतावनी भी दी। वहीं, महामंत्री अशोक कौल ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि उनकी बात संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी और उनको रेगुलर करने की प्रक्रिया पर जल्द विचार किया जाएगा।
