यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उपमुख्यमंत्री से उठाया संस्कृत विश्वविद्यालय का मुद्दा
जागरण संवाददाता, जम्मू : संस्कृत अध्यापक संघ जम्मू-कश्मीर के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री डॉ. न

जागरण संवाददाता, जम्मू : संस्कृत अध्यापक संघ जम्मू-कश्मीर के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह से भेंट की। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान कोट भलवाल जम्मू के उपकुलपति प्रो. रामानुजदेवनाथन् और संघ के प्रदेश अध्यक्ष डाू. विनोद कुमार शास्त्री की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल ने रहबर-ए-तालीम संस्कृत अध्यापकों को नियमित न करने एवं संस्थान को मानित विश्वविद्यालय की जगह स्टडी सेंटर लिखने पर निदेशक स्कूली शिक्षा बोर्ड द्वारा गठित समिति के बारे में उपमुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा।
उपकुलपति ने विस्तारपूर्वक राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान कोट भलवाल की मान्यता जो मानव संसाधन विकास मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा प्राप्त है, उसकी प्रतिलिपि प्रमाण पत्र उपमुख्यमंत्री को सौंपी। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शिक्षा विभाग जम्मू-कश्मीर एवं शिक्ष्ज्ञा मंत्री नईम अख्तर से इस संदर्भ में चर्चा कर संस्कृत अध्यापकों को नियमित करें। जो पिछले छह-सात वर्षो से शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। उपमुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सचिव आयुक्त शालीन काबरा से बात की ाऔर तुरंत समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को यकीन दिलाया कि जल्दी ही शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की बैठक बुलाकर संस्कृत अध्यापकों की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में महासचिव डॉ. प्रकाश शास्त्री, मुख्य सलाहकार तिलक राज शास्त्री, विक्रांत शर्मा, मोहन लाल शास्त्री, सुनील शास्त्री, राजेश शर्मा, विपिन खजूरिया, राज कुमार शर्मा, संजय कुमार, अतुल रैणा, डॉ. श्याम लाल, कस्तूरी लाल, कुलदीप कुमार, सुरेन्द्र कुमार, बाली राम, मुकेश शर्मा, पवन शर्मा शामिल थे।
