श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। उत्तरी कश्मीर के नौपुरा (सोपोर) में सोमवार रात शुरू हुआ आतंकरोधी अभियान लगभग 13 घंटे बाद मंगलवार को लश्कर के दो आतंकियों के मारे जाने के साथ समाप्त हो गया। इस दौरान प्रशासन ने पूरे इलाके में इंटरनेट सेवा को ठप करते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को भी बंद रखा।

इस बीच, स्थानीय सूत्रों ने मुठभेड़ में तीन आतंकियों की मौत का दावा किया है, जबकि पुलिस ने दो ही शव बरामद होने की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी मुठभेड़स्थल की तलाशी जारी है। जानकारी के अनुसार, सोमवार आधी रात को आतंकियों का एक दल सोपोर के नौपुरा, तुज्जर इलाके अपने किसी संपर्क सूत्र के पास आया। इसका पता चलते ही सेना की 22 आरआर के जवानों ने सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के जवानों के साथ तलाशी अभियान चलाया।

जवान घेराबंदी करते हुए जैसे ही आतंकी ठिकाने की तरफ बढ़े, आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। जवानों ने भी जवाबी फायर किया। करीब 25 मिनट तक दोनों तरफ से गोलियां चलती रही। इसके बाद आतंकियों की तरफ से गोलियां चलना बंद हो गई। आतंकी अपना ठिकाना छोड़ वहां से भाग निकले। सुरक्षाबलों ने घेराबंदी जारी रखते हुए गांव के बाहर जाने के सभी रास्ते पूरी तरह सील कर दिए।

एसएसपी सोपोर जावेद इकबाल ने बताया कि हमने मुठभेड़स्थल के आस-पास स्थित सभी मकानों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह काम तड़के शुरू किया गया और इसमें करीब तीन घंटे लगे। इसके साथ ही शरारती तत्वों को हिंसा भड़काने से रोकने के लिए पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने के साथ ही सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए।

उन्होंने बताया कि आतंकियों की तलाश सुबह दोबारा शुरू की गई। एक कब्रिस्तान के पास जैसे ही जवान पहुंचे, वहां छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। दोपहर करीब डेढ़ बजे तक मुठभेड़ चली। इसमें दोनों आतंकी मारे गए। दोनों पाकिस्तानी हैं। मुठभेड़स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद किया गया है। इस बीच, स्थानीय सूत्रों ने बताया कि घेराबंदी में तीन से चार आतंकी फंसे थे।

एक आतंकी कथित तौर पर रात को मुठभेड़ शुरू होने के साथ ही भाग निकला था। तीन घेराबंदी में फंस गए और मारे गए। मारे गए आतंकियों में एक पाकिस्तान का रहने वाला अबु माज है, जबकि दो अन्य की पहचान गनी ख्वाजा निवासी लंगेट और अब्दुल मजीद निवासी तुज्जर सोपोर के रूप में हुई है, लेकिन पुलिस के मुताबिक दो ही आतंकियों के शव मिले हैं।

पुलिस प्रवक्ता ने देर रात बताया कि सोपोर में मारे गए दोनों आतंकी लश्कर के हैं। इनमें से एक तुज्जर शरीफ बोम्मई का रहने वाला अब्दुल मजीद मीर उर्फ समीर है। दूसरे की पहचान की जा रही है। मजीद सोपोर व उसके साथ सटे इलाकों में कई आतंकी वारदातों के लिए जिम्मेदार था। वह आरिफ मकबूल सोफी, मोहममद अशरफ मीर और मुश्ताक अहमद मीर की हत्या में भी शामिल था। मुश्ताक मीर को उसने गत शनिवार को ही अपने साथियों संग अगवा किया था। मुश्ताक का गत सुबह गोलियों से छलनी शव मिला था। इसके अलावा वह सुरक्षाबलों पर हमले की एक दर्जन वारदातों में भी लिप्त रहा है। 

Posted By: Preeti jha

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