राज्य ब्यूरो, जम्मू : भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के पहले दौरे पर मिशन 44 की कामयाबी का बिगुल फूंकते हुए राज्य में अपने दम पर सरकार बनाने का दावा किया। अमित शाह ने पार्टी नेताओं और विधायकों में जीत का जोश भरा। शाम पांच बजे से देर शाम तक राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कोर ग्रुप, विधायक दल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। मिशन 44 को कामयाब बनाने के लिए हर पहलू पर गौर किया। अमित शाह सोमवार सुबह गोलीबारी से प्रभावित आरएसपुरा का दौरा करने के बाद कठुआ में होने वाले कार्यक्रम में कांग्रेस के पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह का भाजपा में स्वागत करेंगे।

संगठन की मजबूती, प्रचार अभियान की रणनीति पर विचार-विमर्श के दौरान अमित शाह ने विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री के दौरों, केंद्रीय मंत्रियों के व्यापक प्रचार अभियान व हाईकमान के सहयोग से जीत सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए जरूरी है कि प्रदेश भाजपा का हर नेता व कार्यकर्ता अपनी क्षमता से अधिक कार्य करे। बैठकों में गुलाम कश्मीर, पश्चिम पाकिस्तान, कश्मीरी पंडितों व गोलीबारी से प्रभावित लोगों के मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

अमित शाह के साथ इन बैठकों में राष्ट्रीय महासचिव राम माधव, जेपी नड्डा, राज्य प्रभारी अविनाश राय खन्ना, राष्ट्रीय सचिव व सह प्रभारी आरपी सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा, प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह, विधायक दल के नेता अशोक खजूरिया, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य डॉ निर्मल सिंह व संगठन महामंत्री अशोक कौल मौजूद थे।

विधायक दल के साथ बैठक के दौरान भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विस क्षेत्र की स्थिति, राज्य के राजनीतिक परिदृश्य पर विचार-विमर्श के साथ विधानसभा सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर भी चर्चा की। भाजपा के नौ विधायकों के साथ बैठक में इसी सप्ताह पार्टी में शामिल हुए जम्मू स्टेट मोर्चा के विधायक अश्विनी शर्मा भी थे।

विधायकों से बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव लड़ने से कहीं अधिक जरूरी चुनाव जितवाना है। विधानसभा चुनाव में अहम योगदान देने वाले को पूरा ख्याल रखा जाएगा। देर शाम को राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राष्ट्रीय स्वयं सेवकसंघ के प्रांत संघ चालक ब्रिगेडियर सुचेत सिंह व अन्य कई पदाधिकारियों के साथ भी बैठकें की। इस दौरान अच्छी छवि के उम्मीदवारों लाने का मुद्दा उठा।

वहीं, पार्टी नेताओं से बैठकों की व्यवस्तता के बावजूद अमित शाह ने पश्चिम पाकिस्तान के रिफ्यूजिओं, डोडा विस्थापितों के प्रतिनिधियों और गुज्जर नेता एआर पोशवाल से भेंट कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।