जागरण ब्यूरो, जम्मू : भारत-पाक के प्रधानमंत्रियों की वार्ता से ठीक पहले पाक समर्थक आतंकियों ने वीरवार सुबह कठुआ जिले की हीरानगर तहसील मे पुलिस स्टेशन और सांबा जिले में सैन्य शिविर पर आत्मघाती हमला कर दिया। इस हमले में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल, तीन जवान, चार पुलिस कर्मियों व दो नागरिकों समेत 10 लोगों की मौत हो गई। जबकि सेना की 16 कैवेलरी रेजीमेंट के कमान अधिकारी, तीन पुलिसकर्मियों और दो नागरिकों समेत छह लोग जख्मी हुए हैं। करीब 10 घंटे तक चली भीषण मुठभेड़ में सेना की स्पेशल फोर्स व क्विक रिएक्शन टीमों ने तीनों आत्मघाती आतंकियों को मार गिराया। इस अभियान में हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल हुआ। इस बीच, जम्मू-कश्मीर के आइजी राजेश कुमार ने कहा कि आतंकी सीमा पार से हीरानगर क्षेत्र से घुसपैठ कर आए थे। माना जा रहा है कि आत्मघाती हमले को लश्कर-ए-तैयबा के हिट स्क्वायड शौहदा ब्रिगेड ने अंजाम दिया।

आतंकियों के खिलाफ सुबह 6:45 बजे से शाम 4:45 बजे तक चले ऑपरेशन के चलते जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात और रेल परिचालन एहतियातन शाम पांच बजे तक बंद रहा। मुठभेड़ खत्म होने के बाद ही यातायात सुचारू हो पाया।

जम्मू में यूरोपियन यूनियन के प्रतिनिधिमंडल में शामिल कई देशों के राजदूतों की मौजूदगी में आतंकियों ने करीब पांच साल बाद एक साथ दो बड़े हमले कर अपनी मौजूदगी का अहसास करवाया है।

सुबह करीब पांच बजे कठुआ जिले की हीरानगर तहसील में अंतरराष्ट्रीय सीमा से मात्र पांच किलोमीटर दूर हरियाचक्क में फौजी वर्दी पहने तीन आतंकियों ने बंदूक की नोक पर मोहिंद्रा 207 लोड कैरियर के चालक रोशन लाल को अगवा किया। आतंकियों ने आटो चालक को सैन्य क्षेत्र की ओर ले जाने के लिए कहा। आतंकियों के इरादे भांपते हुए चालक उन्हें काफी देर तक इधर-उधर घुमाता रहा। साढ़े छह बजे के करीब बंदूक की नोक पर आतंकी उसे हीरानगर पुलिस स्टेशन के पास ले गए। वहां पहुंचते ही उन्होंने पास ही पीसीओ चलाने वाले सुरेश कुमार व आटो चालक पर अंधाधुंध गोलीबारी के साथ ही पुलिस स्टेशन पर धावा बोल दिया। यह पुलिस स्टेशन जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग से पांच सौ मीटर दूर है।

सुबह पौने सात बजे आतंकियों ने कांस्टेबल शिव कुमार को गोली मारने के बाद अंदर जाकर एएसआइ रतन सिंह, स्पेशल ग्रेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह व पीओ मुकेश कुमार को शहीद कर दिया, जबकि एएसआइ गंगू राम, कांस्टेबल रतन चंद घायल हो गए। इसी दौरान आतंकियों ने थाने में जब्त ट्रक के सह चालक को भी गोली मार दी और चालक को अपने साथ सांबा की ओर जाने के लिए मजबूर कर दिया। जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर जतवाल के निकट पहुंचने पर आतंकियों ने ट्रक को छोड़ दिया। ट्रक चालक अल्ताफ वापस थाने आ गया। इसके बाद आतंकियों ने एक मिनी बस को अगवा कर चार किलोमीटर आगे सांबा के महेश्वर क्षेत्र तक ले गए।

करीब सवा सात बजे आतंकवादी गोलीबारी करते हुए सेना की 16 कैवेलरी रेजीमेंट में घुस गए। गेट पर संतरी को गोली मारने के बाद उन्होंने जीओ मैस में मौजूद कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल व जवानों पर गोलियां बरसाई। इस हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रमजीत सिंह निवासी चंडीगढ़ व दो जवान शहीद हो गए, जबकि एक घायल जवान ने बाद में दम तोड़ा। सेना के प्रवक्ता एसएन आचार्य ने बताया कि शहीद जवानों की पहचान सिपाही रेड्डी, सिपाही श्रीनिवासन और सिपाही इंद्रा के रूप में हुई है। वहीं हमले में घायल कर्नल को चंडीगढ़ भेज दिया गया।

इसी बीच, मैस से निकलकर आतंकियों ने वहां पास ही सेना की रिहायशी इमारत में छिप कर गोलीबारी शुरू कर दी। सेना ने एहतियात बरतते हुए इमारत को खाली करवाया। हरकत में आई सेना की क्विक रिएक्शन टीमों व आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। यूनिट के अंदर आतंकियों की मौजूदगी को ध्यान में रखकर हेलीकॉप्टर से स्पेशल फोर्स 9 पैरा के कमांडों उतारे गए।

इस बीच, जम्मू रेंज के पुलिस आइजी राजेश कुमार, डीआइजी शकील अहमद बेग और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी साबा पहुंच गए। इस दौरान आतंकी रुक-रुककर ग्रेनेड व गोलियां दागते रहे। करीब पौने पांच बजे स्पेशल फोर्स के जवानों ने निर्णायक प्रहार कर तीनों आतंकियों को मार गिराया। इस दौरान राकेट लांचरों व यूबीजीएल का इस्तेमाल भी हुआ।

आइजी राजेश कुमार ने बताया कि आतंकियों से भारी मात्रा में गोलीबारूद बरामद हुआ है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी भी अधिकारी ने हमले में आतंकी संगठन शौहदा ब्रिगेड के शामिल होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह जरूर कहा है कि हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा संगठन हो सकता है।

यहा बताना असंगत नहीं होगा कि शौहदा ब्रिगेड ने अल मंसूरयिन नामक एक अन्य आतंकी संगठन के साथ मिलकर इसी माह सात सितंबर को श्रीनगर में बावेरियन स्टेट आर्केस्ट्रा के संचालक जुबिन मेहता के कार्यक्रम अहसास-ए-कश्मीर को निशाना बनाने की धमकी भी दी थी।

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---कैसे बीते दस घंटे ---

सुबह 5:00 बजे : सेना की वर्दी पहने तीन आतंकियों ने आटो चालक को अगवा किया।

सुबह 6:45 बजे : हीरानगर में पुलिस स्टेशन पर आतंकियों ने धावा बोला। एक दुकानदार व ट्रक कंडक्टर की भी हत्या कर दी।

सुबह 7:00 बजे : आतंकी गोलीबारी करते हुए सांबा में सेना की 16 कैवेलरी रेजीमेंट में घुसे।

शाम 4:45 : सेना की स्पेशल फोर्स के जवानों ने तीनों आत्मघाती आतंकियों को मार गिराया।

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