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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

PM Vishwakarma scheme: जम्मू में अब तक दस हजार कारीगरों का हुआ पंजीकरण, योजना के तहत मिल रही ये सुविधा

By Jagran News Edited By: Monu Kumar Jha
Published: Thu, 11 Jan 2024 04:05 PM (IST)

Jammu News पीएम विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojna) शुरू होने के बाद से 9.819 पंजीकरण हुए हैं। जम्मू के डीएम ...और पढ़ें

PM Vishwakarma Yojana News: जम्मू में अब तक दस हजार कारीगरों का हुआ पंजीकरण
PM Vishwakarma Yojana News: जम्मू में अब तक दस हजार कारीगरों का हुआ पंजीकरण

HighLights

  1. जम्मू में अब तक दस हजार कारीगरों का हुआ पंजीकरण
  2. ट्रेनिंग के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन, 15 हजार रुपये तक का टूलकिट
  3. क्रेडिट गारंटी शुल्क केंद्र सरकार द्वारा वहन

जागरण संवाददाता, जम्मू। जिले में पीएम विश्वकर्मा योजना(PM Vishwakarma scheme) शुरू होने के बाद से 9.819 पंजीकरण हुए हैं। जम्मू के डीएम कार्यालय में प्राप्त सभी 2.786 मामलों को सत्यापित किया गया है। सत्यापन प्रक्रिया में जिले की सभी 305 पंचायतों, सात शहरी स्थानीय निकायों, जम्मू नगर निगम और छावनी बोर्ड जम्मू की भागीदारी शामिल है।

आवेदनों को पहले पंचायत या यूएलबी स्तर पर सरपंच या पार्षद द्वारा सत्यापित किया गया और फिर यूटी स्तर पर सत्यापन के लिए जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय द्वारा सत्यापित किया गया था। पंजीकृत कारीगरों को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय द्वारा कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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ट्रेनिंग के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन, 15 हजार रुपये तक का टूलकिट

ट्रेनिंग की अवधि में 500 रुपये प्रतिदिन और 15 हजार रुपये तक का टूलकिट प्रोत्साहन मिलता है। प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद एमएसएमई से एक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा पेश किए जाने वाले उत्पादों और सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बढ़ाना है।

क्रेडिट गारंटी शुल्क केंद्र सरकार द्वारा वहन

यह योजना एक लाख रुपये पहली किस्त 18 माह, जबकि दो लाख रुपये की दूसरी किस्त 30 माह में चुकानी होगी। लाभार्थी से पांच प्रतिशत की रियायती ब्याज दर ली जाएगी जबकि एमएसएमई को आठ प्रतिशत की ब्याज छूट सीमा का भुगतान करना होगा। क्रेडिट गारंटी शुल्क केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

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