श्रीनगर, जेएनएन। अग्रिम सीमा से सटे चमलियाल क्षेत्र में पाक रेंजरों ने नापाक करतूत को अंजाम देने की पहले से ही तैयारी कर रखी थी। सरहद के उस पार बैठे रेंजर्स लगातार बीएसएफ की क्षेत्रीय गतिविधियों को भांप रहे थे। जैसे ही मंगलवार देर शाम बीएसएफ जवान सीमा पर गश्त कर रहे थे कि रेंजरों ने घात लगाकर पहले उनपर स्नाइपर शॉट दागे, फिर छोटे अत्याधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार कर दी।

जवानों को पल भर संभलने का मौका नहीं मिला। घायल सात जवान करीब साढ़े तीन घंटे तक जीरो लाइन पर पड़े रहे। उन्हें तुरंत मदद न मिले, इसके लिए पाक रेंजरों ने अग्रिम चमलियाल क्षेत्र में कम दूरी वाले मोर्टार गोले भी दागे। 

बीएसएफ जवानों ने करारा जवाब देने के दौरान जान की बाजी लगाकर जीरो लाइन में पड़े घायलों को वहां से उठाकर रामगढ़ अस्पताल पहुंचाया, लेकिन असिस्टेंट कमांडेंट सहित तीन जवान दम तोड़ चुके थे।

अन्य घायल जवानों को तुरंत प्राथमिक उपचार देकर जम्मू में जीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया। इनमें सब इंस्पेक्टर रजनीश कुमार जख्मों की ताव न सहते हुए बुधवार तड़के शहीद हो गए।

 फ्लैग मीटिंग कर बीएसएफ ने जताया कड़ा एतराज

अपने चार सीमा प्रहरियों के शहीद होने से सुलग रही सीमा सुरक्षा बल ने बुधवार को सेक्टर कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग में पाक के समक्ष कड़ा एतराज जताया। दस दिन बाद जम्मू में सेक्टर कमांडर स्तर की यह दूसरी बैठक है।

वादा कर मुकर जाने वाले पाकिस्तान ने चार सीमा प्रहरियों को शहीद करने के बाद फिर विश्वास दिलाया कि सीमा पर शांति बनाने में सहयोग दिया जाएगा। इससे पहले चार जून को सेक्टर कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग  हुई थी।

जम्मू जिले के आरएसपुरा की ऑक्ट्राय पोस्ट पर पौने पांच बजे हुई फ्लैग मीटिंग में चमलियाल में सीमा प्रहरियों को पाकिस्तान के स्नाइपरों के निशाना बनाने पर स्पष्ट किया कि इस प्रकार की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमेशा की तरह पाक गोलीबारी करने की शुरुआत करने से मुकर लगा।

पाकिस्तान के चिनाब रेंजर्स के दल का नेतृत्व कर रहे ब्रिगेडियर अमजद हुसैन का कहना है कि उन्होंने सिर्फ जवाबी कार्रवाई की है। करीब पच्चीस मिनट तक चली इस फ्लैग मीटिंग में भारतीय दल का नेतृत्व सेक्टर कमांडर डीआइजी पीएस धिमान ने किया। उनके साथ सीमा सुरक्षा बल के आठ अधिकारी मौजूद थे।

वहीं पाकिस्तानी दल में ब्रिगेडियर अमजद हुसैन के साथ चिनाब रेंजर्स के साथ छह अधिकारी भी मौजूद रहे।चार जून को हुई फ्लैग मीटिंग में सीमा सुरक्षा बल ने चार सीमा प्रहरियों समेत 14 लोगों की मौत पर कड़ी आपत्ति जताई थी।

यह बैठक पाकिस्तान के आग्रह पर उसके इलाके में हुई थी। बैठक के दस दिन के अंदर पाकिस्तान ने सीमा सुरक्षा बल पर बड़ा हमला करते हुए उसके चार सीमा प्रहरियों को शहीद कर दिया। 

सूत्रों के अनुसार बीएसएफ कंपनी अधिकारी चमलियाल मेले को लेकर आपसी वार्ता करने के लिए कई दिनों से पाक रेंजरों के साथ संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे। रेंजर्स साजिशों को अंजाम देने की तैयारी में थे। पाक रेंजरों की इन योजनाओं से बेखबर बीएसएफ 62 बटालियन सरहद पर संघर्ष विराम लागू नियम को आदर्श मानती रही, जिसका खामियाजा बीएसएफ को चार जवानों की शहादत देकर चुकता करना पड़ा। जिस छल के साथ पाक रेंजरों ने बीएसएफ को आघात पहुंचाया है, यह अब तक का सबसे बड़ी कायरता का सुबूत होगा। 

By Preeti jha