पुरुषों में तनाव, आधुनिक जीवनशैली, करियर का तनाव बन रहीं शुक्राणुओं की कमी की वजह


आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी के बीच करियर का तनाव, नशा और देर से शादी पुरुषों में शुक्राणुओं की कमी की बड़ी वजह बन रहे हैं। कोई भी दंपत्ति अगर एक वर्ष या उससे ज़्यादा से बिना गर्भनिरोधक के साथ रह रहा है और फिर भी उन्हें संतान नहीं होती तो ऐसे में इसे निसंतानता कहते हैं। पुरुषों में इसके कई कारण हो सकते हैं इसलिए पुरुषों के लिए ये सबसे ज़्यादा ज़रुरी हो जाता है कि वो जल्द किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें। पुरुषों में इनफर्टिलिटी के आंकड़ें भी लगातार बढ़ रहे हैं ऐसे में चिकित्सा विज्ञान पुरुषों को भी ये विकल्प प्रदान करता है कि वो अपने शुक्राणुओं की गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं और अत्याधुनिक तकनीक के ज़रिये अपना इलाज करवा सकते हैं। ऐसे कई पुरुष हैं जिन्होंने इन तकनीकों के ज़रिये अपना इलाज करवाया और पिता का सुख भी पाया है।