अश्विन फेरो, मुंबई। हरेंद्र सिंह को हॉकी के मैदान के अंदर और बाहर भावुक इंसान के तौर पर जाना जाता है, लेकिन उनका बदलाव के लिए हाल में लिया गया फैसला पूरी तरह से व्यावहारिक नजर आता है। प्रसिद्ध भारतीय हॉकी कोच हरेंद्र ने अब फुटबॉल की ओर रुख करने का फैसला किया है। हरेंद्र डी लाइसेंस कोचिंग कोर्स करके अपनी हॉकी की कोचिंग क्षमता का इस्तेमाल फुटबॉल के मैदान पर करना चाहते हैं।

हरेंद्र ने कहा, 'मैंने दिल्ली फुटबॉल के प्रमुख शाजी प्रभाकरन से डी लाइसेंस कोच बनने के लिए बात की है और उन्होंने इस पर सहमति जताई है। यह एक सप्ताह का कोर्स है और मैं इसे जल्द ही करने की योजना बना रहा हूं। मुझे भारतीय खेल प्राधिकरण ने रिलीज कर दिया है और अब मैं एक या दो दिन में अपने नियोक्ता एयर इंडिया से अपनी पोस्टिंग वापस लेने जाऊंगा। उसके बाद मैं फुटबॉल कोर्स करूंगा।'

हरेंद्र को पिछले साल के अंत में ओडिशा में हुए हॉकी विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में मिली हार के बाद भारतीय टीम के कोच पद से हटा दिया गया था। हरेंद्र ने बताया कि फुटबॉल की ओर उनका यह कदम दो वजहों से है, उन्होंने कहा, 'पहले तो मेरे पास समय है और अब मैं हॉकी कोच नहीं हूं तो मेरे पास कुछ भी करने के लिए नहीं है। दूसरा, मैं फुटबॉल कोचिंग के बारे में नई जानकारी हासिल करना चाहता हूं जहां मैं अपनी हॉकी की विश्लेषणात्मक योग्यता का इस्तेमाल कर सकता हूं।'

जब हरेंद्र से पूछा गया कि वह भविष्य में यह इंडियन सुपर लीग के किसी क्लब या भारतीय फुटबॉल टीम का कोच का पद संभाल सकते हैं तो उन्होंने कहा, 'क्यों नहीं, भारतीय फुटबॉल बढ़ रहा है और खिलाडि़यों और कोचिंग स्टाफ, दोनों के लिए कई नए रास्ते खुल रहे हैं। मैं क्लब, राज्य या राष्ट्रीय टीम का विश्लेषणात्मक कोच बनना चाहूंगा।

Posted By: Tanisk