जमशेदपुर, जेएनएन। रतन टाटा ने कहा कि नवल टाटा और भारतीय हॉकी का अन्योन्याश्रय संबंध है। नवल टाटा 15 साल तक भारतीय हॉकी फेडरेशन के अध्यक्ष रहे। उन्हीं के कार्यकाल में भारतीय हॉकी ने सफलता की नई गाथा गढ़ी और 1948, 1952 व 1956 में ओलंपिक का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। धीरे-धीरे हॉकी का ग्लैमर खत्म होता गया। इस खेल को पुराना गौरव वापस दिलाने की दिशा में हॉकी अकादमी की स्थापना की गई है।

रतन टाटा ने शुक्रवार को नवल टाटा हॉकी अकादमी के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अकादमी हॉस्टल की आधारशिला भी रखी और कहा कि भारतीय हॉकी में नवल एच टाटा के योगदान, उत्कृष्ट खेल प्रशासक के रूप में उनकी उपलब्धियों और खेल के प्रति उनके जुनून के सम्मान में एकेडमी का नाम ‘नवल टाटा हॉकी एकेडमी’ रखा गया है।

‘वन मिलियन हॉकी लेग्स प्रोग्राम’ के तहत चयन-प्रशिक्षण

टाटा ट्रस्ट और टाटा स्टील ने बॉवलैंडर हॉकी एकेडमी और ‘वन मिलियन हॉकी लेग्स प्रोग्राम’ के माध्यम से लड़कों और लड़कियों को प्रशिक्षित करने के लिए लीजेंड्री डच ड्रैग-फ्लिकर फ्लोरिस जैन बॉवलैंडर के साथ साङोदारी की है। बॉवलैंडर एकेडमी के पहले तकनीकी निदेशक हैं। पूर्ण पैमाने पर एकेडमी में 52 लड़के और 52 लड़कियों को प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक रूप से खेलने का अवसर दिया जायेगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के महत्व को समझते हुए सभी खिलाड़ियों को स्कूलों में भर्ती कराया जाएगा।

क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य खेलों की खबरों के लिए यहां क्लिक करें 

Posted By: Pradeep Sehgal