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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Olympics Hockey: ऑस्ट्रेलिया पर भारत की जीत में चमका जिद्दी सितारा अभिषेक, मयूर विहार की गली नंबर-25 में है घर

Published: Fri, 02 Aug 2024 11:01 PM (IST)

भारतीय हॉकी टीम ने बेल्जियम के हाथों मिली हार से बाहर निकलते हुए शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया को हरा इतिहास रच ...और पढ़ें

भारतीय हॉकी टीम की जीत में चमके अभिषेक सिंह। फोटो- रायटर
भारतीय हॉकी टीम की जीत में चमके अभिषेक सिंह। फोटो- रायटर

HighLights

  1. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दाग विजयी गोल
  2. सोनीपत के मयूर विहार की गली नंबर-25 में है घर
  3. कोच शमशेर दहिया बोले, पहले चार अन्य मैचों में भी दिखाया बेहतरीन खेल

नंदकिशोर भारद्वाज, जागरण सोनीपत। पेरिस ओलिंपिक में शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया पर भारत की शानदार जीत में सोनीपत के जिद्दी सितारे अभिषेक ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैच में अभिषेक के पहले और आखिरी गोल से भारत क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया है।

अभिषेक को विरोधी टीम की डी में जाकर आक्रामक हमलों के जाना जाता है। इसे उसने कई मौकों पर बखूबी साबित किया है। अभिषेक की प्रतिभा को निखारने वाले कोच ने बताया कि ओलिंपिक के आगामी मैचों में अभिषेक और शानदार खेल दिखाएगा।

सोनीपत के मयूर विहार की गली नंबर-25 में रहने वाले अभिषेक नैन ने वर्ष 2022 में फ्रांस के खिलाफ हाकी मैच से डेब्यू किया था। यह उसकी मेहनत और जिद का नतीजा है कि डेब्यू करने के बाद से एक बार अभिषेक टीम से बाहर नहीं हुआ है। अभिषेक को विरोधी टीम की डी में जाकर ताबड़तोड़ गोल करने और गोल में सहयोग करने के लिए जाना जाता है।

अभिषेक का खेल होगा अपने चरम पर

अभिषेक के कोच रहे मास्टर शमशेर सिंह दहिया ने बताया कि स्कूल में हाकी खेलने से भारतीय टीम में जगह बनाने तक अभिषेक अपने जूनून और जज्बे के लिए जाना जाता है। अभिषेक शुरू से ही गेंद को लेकर गोल करने की एक जिद सी ठान लेता है और उसके लिए वह लगातार प्रयास करता है। कोच ने बताया कि पेरिस ओलिंपिक में टीम इंडिया के आगामी मैचों में अभिषेक का खेल अपने चरम पर होगा। देश को विश्व विजेता बनाने के लिए अभिषेक अपनी जी-जान लगा रहा है।

साई के पूर्व कोच नरेंद्र गौतम ने बताया कि सात साल के अपने हाकी करियर में अभिषेक ने अपनी मेहनत और जिद से ही यह शानदार मुकाम हासिल किया है।सीआरजेड स्कूल के हाकी मैदान पर अभिषेक ने अपना करियर शुरू किया था और और आज वह देश के लिए पसीना बहा रहा है।

खुद का गोल बनाता है अभिषेक

कोच शमशेर ने बताया कि अभिषेक अपने स्तर फील्ड गोल बनाता है। अभिषेक चाहे तीन खिलाड़ियों या चार खिलाड़ियों से घिरे हो, उसे जरा हिचक नहीं होती।वह गेंद बीच में से निकाल ले जाता है। शुक्रवार को उसके दोनों गोल विश्व स्तरीय गोल थे। कमेंट्री करने वाले ने भी अभिषेक को गोल मशीन बताया। शुक्रवार को अभिषेक ने मैच के 18वें मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद उसने चार पैनल्टी कार्नर बनाए। इसके बाद आखिरी क्वार्टर में अभिषेक ने विजयी गोल किया लेकिन वह रेफरल में खारिज हो गया।

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बढ़ता जा रहा कांफिडेंस

कोच शमशेर दहिया ने बताया कि पेरिस ओलिंपिक में अभिषेक का कांफिडेंस लेवल बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही उसका खेल और भी निखरता जा रहा है। टीम के अन्य खिलाड़ियों और कप्तान का भरोसा अभिषेक पर बढ़ता जा रहा है।मैच के बाद अभिषेक ने खुद भी माना कि उसका आत्मविश्वास बढ़ता जा रहा है और इस कारण अच्छा प्रदर्शन कर पा रहा है।

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