नई दिल्ली, जेएनएन। 18वें एशियन गेम्स के महिला हॉकी के फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम का सामना जापान के साथ हुआ। इस मैच में भारत को जापान ने 2-1 से हरा दिया और भारतीय टीम को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। भारत की तरफ से एकमात्र गोल 25वें मिनट में नेहा गोयल ने किया। वहीं जापान की तरफ से 11वें मिनट में शिहोरी ओकावा और 44वें मिनट में कावामुरा मतोमी ने गोल किए। 

पहले क्वार्टर में भारतीय टीम की शुरुआत काफी अच्छी रही। खेल के 10वें मिनट में भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन नवनीत के शॉट को जापानी गोलकीपर ने काफी अच्छे तरीके से रोककर भारत को पहला गोल करने से रोक दिया। इसके कुछ ही देर बाद यानी 11वें मिनट में जापान ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया। जापान की शिहोरी ओकावा ने कोई गलती नहीं की और अपनी टीम के लिए पहला गोल कर भारत को 1-0 से पीछे कर दिया। इसके बाद पहले क्वार्टर का खेल खत्म होने तक भारत की तरफ से कोई गोल नहीं किया गया और स्कोर 1-0 ही रहा। 

दूसरे क्वार्टर के शुरुआत से जापान ने भारत पर हमला बोल दिया। भारतीय डिफेंस पर दबाव साफ तौर पर दिख रहा था। 23वें मिनट में भारत ने जापान के घेरे में हमला बोल दिया और 25वें मिनट में नेहा गोयल ने भारत को लिए पहला गोल कर स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद दूसरे क्वार्टर यानी पहले हाफ का खेल खत्म होने तक दोनों टीमों का स्कोर 1-1 से बराबर रहा। दूसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास नजर आया और उन्होंने अच्छा खेल दिखाया। 

तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों की तरफ से आक्रामक खेल देखने को मिला। भारत की तरफ से 35वें मिनट में वंदना ने जबकि 37वें मिनट में एक बार फिर से वंदना ने गोल करने का प्रयास किया लेकिन जापानी डिफेंडर और गोलकीपर ने उनके प्रयास को विफल कर दिया। 41वें मिनट में जापान की तरफ से गोल के प्रयास को भारतीय गोलकीपर सविता ने शानदार तरीके से विफल कर दिया लेकिन खेल के आखिरी वक्त में जापान ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया और कप्तान कावामुरा मतोमी ने 44वें मिनट में गोल कर टीम का स्कोर 2-1 कर दिया। तीसरे क्वार्टर का खेल खत्म होने तक जापान का स्कोर 2-1 रहा। 

फाइनल यानी चौथे क्वार्टर में जापान को 10 खिलाड़ी के साथ मैदान पर उतरना पड़ा। नायतो को ग्रीन कार्ड दिखाया गया और उन्हें कुछ देर के लिए मैदान से बाहर होना पड़ा। एक बार फिर से उनकी मैदान पर वापसी हो गई। दोनों टीमों की तरफ से आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया गया लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई। खेल के आखिरी में जापान को एक पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारत ने उसे रोक दिया और फुल टाइम में मैच का स्कोर 2-1 रहा। 

एशियन गेम्स 2018 में भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रदर्शन काफी शानदार रहा। ग्रुप मुकाबले में भारत ने इंडोनेशिया को 8-0, कजाकस्थान को 21-0, दक्षिण कोरिया को 4-1, और थाइलैंड को 5-0 से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में भारत ने चीन को कड़ी टक्कर के बाद 1-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि फाइनल में भारत को जापान के हाथों 1-2 से हार झेलनी पड़ी। 

भारतीय महिला टीम ने वर्ष 1982 दिल्ली एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था और उसके बाद यानी 36 वर्ष के बाद भारत के लिए गोल्ड जीतने का सुनहरा अवसर आया था। 1982 में पहली बार एशियन गेम्स में महिला हॉकी को शामिल किया गया था। हालांकि भारत वर्ष 1998 में फाइनल में पहुंचा था लेकिन वहां उसे दक्षिण कोरिया के हाथों 1-2 से हार मिली और सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। भारतीय महिला टीम ने वर्ष 2006 और 2014 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 

Posted By: Sanjay Savern