(अशोक ध्यानचंद, 1975 वर्ल्डकप टीम के सदस्य)

विश्व रैंकिंग में नौवें पायदान पर काबिज न्यूजीलैंड की टीम ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में खेले गए हॉकी विश्व कप के पूल-ए से क्रॉसओवर मुकाबले में जगह पक्की कर ली। उसने गुरुवार को आठवीं रैंकिंग पर काबिज स्पेन से दो गोल से पिछड़ने के बाद अंतिम 10 मिनट में रोमांचक वापसी करते हुए मैच को 2-2 से ड्रॉ कराया।

न्यूजीलैंड की हार की वजह स्टीफन जेनिंग्स का खराब प्रदर्शन भी रहा, जिन्होंने मैच में गोल करने के पांच मौके गंवाए। स्पेन की ओर से अल्बर्ट बेलट्रान (नौवें मिनट) और इग्लेसियस अल्वारो (27वें मिनट) ने गोल दागे, जबकि न्यूजीलैंड की ओर से हेडन फिलिप्स (50वें मिनट) और केन रसेल (56वें मिनट) को गोल करने में सफलता मिली।

स्पेन की युवा और प्रतिभाशाली टीम ने भी मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। गेंद पर भी स्पेन ने न्यूजीलैंड से ज्यादा कब्जा जमाए रखा। स्पेन ने 53 प्रतिशत गेंद अपने कब्जे में रखी, जबकि न्यूजीलैंड ने 47 प्रतिशत गेंद अपने कब्जे में रखी। स्पेन ने हमले भी ज्यादा बोले, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ज्यादा हावी रहे और मैच में नौ बार गोल पोस्ट पर निशाना साधा। स्पेन के गोलकीपर और कप्तान क्विको कोर्टेस की तारीफ करनी होगी, जिन्होंने कई अच्छे बचाव किए।

न्यूजीलैंड के लिए शुरुआत अच्छी हुई और उसे शुरुआती दो मिनट के अंदर ही बहुत अच्छा मौका मिला, लेकिन स्टीफन जेनिंग्स ने गोल करने का मौका गंवा दिया। उधर, स्पेन को पहले क्वार्टर में ही नौवें मिनट में बढ़त हासिल हो गई। जब स्पेन के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी पाउ क्यूमाडा के दायीं ओर से दिए गए क्रॉस पर अल्बर्ट बेलट्रान ने बेहतरीन गोल दाग दिया।

दूसरे क्वार्टर में स्पेन ने फिर हमले दागे, लेकिन न्यूजीलैंड के डिफेंस और गोलकीपर ने अच्छा बचाव किया। स्पेन को 25वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन वह इसे गोल में बदलने में नाकाम रही। स्पेन के लिए 27वें मिनट में इग्लेसियस अल्वारो ने शानदार गोल दागकर अपनी टीम को 2-0 से बढ़त दिलाई। अल्वारो के पास दायीं ओर से क्रॉस आया और उन्होंने गेंद को सीधे नेट के ऊपरी हिस्से में पहुंचाकर बेहतरीन गोल दागा। तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों की ओर से कोई गोल नहीं हो सका। अंतिम क्वार्टर में अपनी हार को करीब देखते हुए न्यूजीलैंड ने रणनीति में बदलाव करते हुए गोलकीपर को हटा दिया। उसकी यह रणनीति काम कर गई। उसने अंतिम क्षणों में गेंद पर कब्जा जमाया। 

ऐसे में 50वें मिनट में न्यूजीलैंड के हेडन फिलिप्स ने बायीं ओर से बेहतरीन क्रॉस मारते हुए गोल दागा। 56वें मिनट में न्यूजीलैंड को पेनाल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर केन रसेल ने गोल दागते हुए अपनी टीम को 2-2 की बराबरी दिला दी। रसेल ने गोलकीपर के बायीं ओर से जमीन को छूते हुए गेंद फेंकी, जिस पर स्पेनिश गोलकीपर पूरी तरह से गच्चा खा गए। अंतिम क्षणों में न्यूजीलैंड के पास मैच जीतने का अच्छा मौका आया, लेकिन अरुण पंचिया के पास पर जेनिंग्स गोल करने से चूक गए।

क्या है क्रॉसओवर

भुवनेश्वर में चल रहे विश्व कप में खेल रहीं 16 टीमों को चार पूलों में रखा गया है। प्रत्येक पूल में चार टीमें शामिल की गई हैं। प्रत्येक पूल से शीर्ष पर रहने वाली टीम सीधे क्वार्टर फाइनल खेलेगी। पूल-ए में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें पूल-बी में तीसरे और दूसरे स्थान की टीमों से मैच खेलेगी। इसे ही क्रॉसओवर का नाम दिया गया है।

इसी तरह पूल-सी में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें पूल-डी में तीसरे और दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमों से क्रॉसओवर मैच खेलेगी। क्रॉसओवर मुकाबला जीतने वाली टीम को क्वार्टर फाइनल में जगह मिलेगी।

Posted By: Lakshya Sharma