एक बाजू गंवाने के बाद भी नहीं टूटी हिम्मत, दो पैरालिंपिक में पदक जीतने वाले हिमाचल के निषाद अब जापान में दिखाएंगे दमखम
बचपन में एक बाजू गंवाने वाले ऊना के पैरा एथलीट निषाद कुमार जापान में होने वाले पैरा एशियन गेम्स की ...और पढ़ें

खिलाड़ी निषाद कुमार (फाइल फोटो)
HighLights
निषाद कुमार पैरा एशियन गेम्स में देश के लिए पदक जीतने को तैयार।
बचपन में बाजू गंवाने के बावजूद निषाद ने नहीं मानी हार।
दो पैरालिंपिक में रजत पदक जीतकर देश का नाम किया रोशन।
अजय टबयाल, ऊना। हौसले बुलंद हों तो शारीरिक कमी सफलता की राह नहीं रोक सकती। बचपन में चारा काटने वाली मशीन में आने से एक बाजू गंवाने वाले ऊना जिले के अंब उपमंडल के बदाऊं गांव के पैरा एथलीट निषाद कुमार ने भाग्य के आगे घुटने टेकने नहीं टेके बल्कि इसे सबसे बड़ी ताकत बना लिया।
इंटरनेट मीडिया पर पैरा एशियन गेम्स की तैयारी के लिए उनकी कटी हुई बाजू पर लोहे की जंजीर बांधकर वेटलिफ्टिंग करने की तस्वीर सामने आने से उनके समर्पण और जज्बे पर हर भारतीय को गर्व हो रहा है। देश के लिए पदक जीत तिरंगे की शान बढ़ाने के जुनून में निषाद खुद को लोहे की तरह तपा रहे हैं।
जापान में 16 से 24 अक्टूबर तक होने वाले पैरा एशियन गेम्स में देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ निषाद इन दिनों बेंगलुरु स्थित साई सेंटर में कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। निषाद बताते हैं कि बचपन में बाजू गंवाने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
माता पुष्पा देवी की प्रेरणा से पैरा एथलेटिक्स को लक्ष्य बनाया और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक जीते। निषाद लगातार दो पैरालिंपिक खेलों में हाई जंप में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर चुके हैं। पैरा एशियन गेम्स में वह हाई जंप के साथ लांग जंप में भी चुनौती पेश करेंगे।
बोले, हर स्पर्धा मेरे लिए नई चुनौती
दैनिक जागरण से बातचीत में निषाद ने कहा कि उनके लिए हर प्रतियोगिता एक चुनौती है। शारीरिक कमी को उन्होंने कभी लक्ष्य के आड़े नहीं आने दिया। पैरा एशियन गेम्स के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और प्रयास है कि तैयारी को मैदान पर बेहतर प्रदर्शन में बदल सकें।
लक्ष्य देश के लिए पदक जीतना है। पांच सितंबर को ओमान में आयोजित एबल-बाडी गेम्स में भी निषाद ने हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने सामान्य वर्ग के एथलीट्स के बीच हाई जंप में कांस्य पदक जीता था।
19 को लांग व 20 को हाई जंप का मुकाबला
पैरा एशियन गेम्स में निषाद का लांग जंप मुकाबला 19 अक्टूबर को होगा जबकि 20 अक्टूबर को वह हाई जंप में दम दिखाएंगे। निषाद 10 अक्टूबर को जापान के लिए रवाना होंगे।जापान पहुंचने के बाद टोक्यो में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में वह अमेरिकी कोच जेरेमी फिशर व फिजियो शुभम देशपांडे के साथ अभ्यास करेंगे।
