हिमाचल के ऊना में रूट परमिट विवाद से थमीं बसें, कॉलेज छात्रों की बढ़ी मुश्किलें
ऊना आईएसबीटी में निजी बस ऑपरेटरों के बीच रूट परमिट को लेकर विवाद गहरा गया है, जिससे उपमंडलों से आने वाली बसें कॉलेज तक नहीं जा पा रही हैं।
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रूट परमिट के फेर में फंसे विद्यार्थी, आईएसबीटी में थमीं बसें।
HighLights
निजी बस ऑपरेटरों में रूट परमिट को लेकर विवाद गहराया
उपमंडलों से आने वाली बसें आईएसबीटी पर ही रोकी गईं
कॉलेज छात्रों को बस अड्डे पर उतरना पड़ा, परेशानी बढ़ी
संवाद सहयोगी, ऊना। आईएसबीटी ऊना में उपमंडलों से आने वाली निजी बसों के ऊना कालेज तक संचालन को लेकर निजी बस ऑपरेटरों में विवाद गहरा गया है। वीरवार को गगरेट, हरोली, अंब, धमांदरी सहित विभिन्न क्षेत्रों से ऊना पहुंची बसों को आईएसबीटी में ही रोक दिया गया। इन बसों में कालेज जाने वाले विद्यार्थियों को भी बस अड्डे पर उतार दिया गया। अचानक व्यवस्था बदलने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
निजी बस चालकों-परिचालकों का तर्क है कि उपमंडलों से ऊना पहुंचने वाली कई बसों का रूट परमिट केवल बस अड्डे तक का है। इसके बावजूद कुछ बसें विद्यार्थियों को कॉलेज तक छोड़ रही थीं। ऑपरेटरों के अनुसार इससे कालेज मार्ग पर चलने वाली अन्य निजी बसों व आटो-रिक्शा चालकों को पर्याप्त सवारियां नहीं मिल पातीं।
उधर, विद्यार्थियों के लिए यह फैसला परेशानी लेकर आया है। अब आईएसबीटी से कालेज पहुंचने के लिए उन्हें पैदल जाना पड़ेगा या बस व रिक्शा का अतिरिक्त किराया देना होगा। निजी बस आपरेटर यूनियन के जिला अध्यक्ष मोहिंद्र मनकोटिया ने कहा कि यूनियन ने सभी निजी बस चालकों को रूट परमिट के अनुसार बसें संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
जिन बसों का परमिट ऊना बस अड्डे तक है, वे अब बस अड्डे से आगे संचालित नहीं होंगी। यह निर्णय विद्यार्थियों को परेशान करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि सभी निजी बस ऑपरेटरों के लिए परमिट व्यवस्था और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए लिया है। नियमों के अनुरूप ही बस संचालन होने से रूट को लेकर चल रहा विवाद भी समाप्त होगा।
