यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जीएसटी के कुछ प्रावधान व्यापारियों के हित में नहीं: शर्मा
इन्हीं प्रावधानों के विरोध में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी भारत बंद 30 जून को किया जाएगा।

ऊना, संवाद सहयोगी। प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुमेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया जीएसटी मंजूर है लेकिन इसमें कई प्रावधान ऐसे हैं जो व्यापारियों के हित में नहीं हैं। इन्हीं प्रावधानों के विरोध में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी भारत बंद 30 जून को किया जाएगा।
प्रदेश में भी इस दिन दुकानें बंद रखी जाएंगी। सोमेश शर्मा ने सोमवार को ऊना के विश्रामगृह में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग जीउसटी के विरोध में नहीं है, न ही व्यापारियों को जीएसटी को जमा कराने में कोई परेशानी है लेकिन सरकार ने जीएसटी को आननफानन में लागू करने का फैसला किया है। जीएसटी में कोताही पर व्यापारियों को सजा का प्रावधान गलत है, इसे तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाना चाहिए।
शर्मा ने कहा कि पूरे विश्व में करीब 170 देशों में जीएसटी को व्यापारियों के हित में लागू किया गया है। इन देशों में जीएसटी लागू करने के एवज में पेंशन, बीमा व पीएफ आदि कई लाभकारी सहूलियतें व्यापारियों को दी गई हैं लेकिन भारत में जीएसटी में ऐसी किसी सुविधा का प्रावधान नहीं किया गया है। इसके अलावा लगभग पूरे देश में 20 लाख रुपये की टर्न ओवर सीमा वाले व्यापारियों पर जीएसटी प्रक्रिया में छूट का प्रावधान रखा गया है, जबकि प्रदेश में10 लाख रुपये इसकी सीमा को निर्धारित किया गया है जो सीधे तौर पर भेदभाव है।
प्रदेश में भी व्यापारियों के लिए इस सीमा को 20 लाख रुपये करना चाहिए। ऑनलाइन रिटर्न को खत्म करना, कपड़ा, ब्रांडेड अनाज, तिलहन, कृषि उत्पाद, जीवन रक्षक वस्तुओं को भी जीएसटी से मुक्त करने की मांग की गई। शर्मा ने सरकार से मांग की कि जीएसटी को लागू करने से पहले व्यापारी वर्ग को विश्वास में लिया जाए, अन्यथा व्यापारी वर्ग संघर्ष की राह अपनाएगा। इस अवसर पर प्रदेश व्यापार मंडल के महासचिव राकेश कैलाश, रविंद्र अरोड़ा, इकबाल सिंह व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
