संवाद सहयोगी, अम्ब : स्थानीय स्वामी ¨पडी दास आश्रम में श्रीराम कथा के चौथे दिन बुधवार को कथावाचक अतुल कृष्ण महाराज ने प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को हमेशा प्रभु को याद करना चाहिए। प्रभु को याद करने से हर दु:ख दूर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो संसार में उत्पन्न हुए हैं, वे एक दिन अवश्य मृत्यु को प्राप्त होंगे। उस समय कोई साथ नहीं जाएगा। सदैव याद रखें की जीवन की अंतिम घड़ी में एक प्रभु के अतिरिक्त कोई भी काम नहीं आएगा। भगवान अपनी माधुर्यपूर्ण लीलाओं से अपने भक्तों को निरंतर सुखी करते रहते हैं। अज्ञान से मोहित प्राणी प्रभु का अनुभव नहीं कर पाता परंतु वे अपने आश्रितों की दृष्टि से ओझल नहीं होते। ईश्वर तर्क का विषय नहीं है, उसे श्रद्धा नेत्र पहचान सकते हैं। मूर्ख कहते हैं कि परमात्मा कहां है जबकि ज्ञानी कहता है कि वह कहां नहीं है। श्रेष्ठ ज्ञानीजन संयमपूर्वक सांसारिक साधनों का सदुपयोग कर हरि के भजन से विमुख नहीं होते। न तो धृतराष्ट्र बनो और न ही गांधारी, न मंथरा बनें न ही कैकेयी, न रावण बनें न ही कालनेमि, हिरण्यकश्यप एवं कंस की भी प्रवृत्ति ठीक नहीं। धर्ममय जीवन परम यश एवं पुण्य की प्राप्ति कराता है। परमात्मा को प्रसन्न नहीं किया जा सकता। जिसे दु:खी नहीं किया जा सकता उसे खुश भी करने का कोई उपाय नहीं है। ईश्वर की प्रसन्नता मनुष्य पर निभर्र नहीं है। भगवान सदैव प्रसन्न ही रहते हैं। इस दौरान अनेक मनमोहक झांकियां भी निकाली गईं। इस मौके पर अधिवक्ता रमेश चंद चौधरी सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।

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