संवाद सहयोगी, ऊना : नजदीकी अजनोली स्थित एकादश रुद्र महादेव मंदिर में चल रही श्री राम कथा के तीसरे दिन सोमवार को कथावाचक अतुल कृष्ण महाराज ने कहा कि सच्ची भक्ति से हम जो चाहते है वही बन सकते हैं। भक्त सदा भगवान के भरोसे रहकर व्यवहार का आनंद उठाता है। जबकि हरि से विमुख प्राणी अज्ञान की गठरी सिर पर रखकर दुख मानता है। जो ईश्वर में स्थिर बुद्धि वाले हैं वे परमार्थ करते हुए संसार के आराध्य बन जाते हैं। जो नश्वर संसार को छोड़कर परमात्मा का आश्रय लेते हैं। उनका जीवन महकता उठता है। परम शांति का मार्ग प्रभु का भजन ही है। हमारी सारी ¨चताएं समाप्त हो जाएंगी यदि भगवान के होकर जीने लगें। उत्साह एवं धैर्य से साधन करने वाले इसी जन्म में ईश्वर को प्राप्त कर लेते हैं। दुर्बल विचार हमारे सबसे बड़े शत्रु हैं। वे हमारी उन्नति के बाधक हैं। भगवान श्रीराम की बालरूप की पावन झांकी भी निकाली गई। इस अवसर पर मंदिर के परमाध्यक्ष स्वामी रामानंद जी महाराज, सर्वश्री मंगलानंद जी महाराज बड़े महादेव वाले, श्याम चेतन ब्रह्मचारी, पंडित रमाकांत शर्मा, वेद प्रकाश शर्मा रक्कड़ कालोनी से, आचार्य श्याम सुंदर, गुलजारी लाल, मुनीश, रमेश, संदीप, सागर, सतीश, प्रमोद, कमला देवी, विद्या जसवाल, शमा जसवाल सहित कई लोग उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran

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