संवाद सहयोगी, ऊना : बस किराया बढ़ाने की मांग को लेकर निजी बस ऑपरेटरों ने सोमवार को हड़ताल की। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को कई-कई घंटे तक एचआरटीसी की बसों का इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों ने निजी गाड़ियों का रुख भी किया। हालांकि एचआरटीसी प्रबंधन ने लगभग 25 अतिरिक्त बसें चलाई थीं। इससे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली। उधर जिला मुख्यालय पर मांगों के समर्थन में निजी बस ऑपरेटर्स ने जमकर रोष प्रदर्शन किया। निजी बस ऑपरेटर्स संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पराशर के नेतृत्व में सड़क पर उतरे बस संचालकों ने हड़ताल का समर्थन किया। राजेश कुमार पराशर ने कहा केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ाने से बस संचालक घाटे में जा रहे हैं। आज से लगभग पांच वर्ष पहले 2013 में डीजल 46 रुपये लीटर था तो 30 प्रतिशत किराये में बढ़ोतरी हुई थी लेकिन वर्तमान में डीजल 70 रुपये से ऊपर जा चुका है। बसों की बीमा राशि दोगुनी हो गई है। कुल मिलाकर सड़क पर निजी बसें घाटे का सौदा साबित हो रही हैं। इस मौके पर अवतार ढिल्लों, पवन ठाकुर, मोनू मनकोटिया, नरेश कुमार, लक्की, दिनेश सैनी, सुखदेव शर्मा, संजीव रायजादा, नरेद्र शर्मा, नरेश कुमार, राजीव शर्मा, पंकज दत्ता, रामकिशन, श्याम लाल, अश्वनी सैनी, संजीव रायजादा, नरेंद्र शर्मा व अन्य मौजूद रहे।

-------------------------

हड़ताल से निजी बस ऑपरेटर्स को घाटा, एचआरटीसी मुनाफे में

जिला में सोमवार को सवा तीन सौ से ज्यादा निजी बसों के पहिये थमे रहे। हड़ताल का आमजन पर असर देखने को मिला लेकिन निजी बस संचालकों को घाटा हुआ है। लोकल रूट पर निजी बसें न चलने से सवा तीन सौ से ज्यादा ऑपेरटर्स को लगभग 10 से 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं उक्त हड़ताल एचआरटीसी के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। एचआरटीसी ने सोमवार को 25 अतिरिक्त बसें चलाई थीं। आम दिनों में निगम की करीब 70 बसें लोकल रूट पर दौड़ती हैं। अतिरिक्त 25 बसों द्वारा प्रति बस पर 2500 से 3000 रुपये कमाई की गई है। जिससे इसका एक दिन का आंकड़ा लगभग 40000 हजार के करीब जाने की की उम्मीद है। 70 बसों में भी ओवरलोडिंग रही। जिससे एचआरटीसी को भारी मुनाफा हुआ है। एचआरटीसी के अड्डा प्रबंधक मनोहर लाल ने कहा निगम ने लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा देने के प्रयास किए हैं।

-----------------

अम्ब व मैहतपुर में भी परेशान हुए लोग

संवाद सहयोगी, अम्ब :उपमंडल अम्ब में सोमवार सुबह से ही हड़ताल के कारण आम लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों व सरकारी व निजी क्षेत्र में काम करके वाले कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ी। सारा दिन सरकारी बसें सवारियों से खचाखच भरी हुई नजर आई। कई लोग तो निजी वाहनों में लिफ्ट लेकर अपने गंतव्यों तक पहुंचे। यात्री सुमेश कुमार, रवि शर्मा, तृप्ता व रोशनी ने बताया उन्हें कई घंटे बस का इंतजार करना पड़ा।

संवाद सहयोगी, मैहतपुर : निजी बस संचालकों की हड़ताल का असर मैहतपुर में भी देखने को मिला। दिन भर कोई भी निजी बस नहीं चली जिस कारण मैहतपुर बस स्टैंड सूना ही रहा। ¨प्रस बस सर्विस के मालिक नरेश शर्मा ने कहा निजी संचालकों के लिए बसें चलाना मुश्किल हो गया है।

Posted By: Jagran