IGMC शिमला में MBBS करेंगी ऊना की प्रकृति, पिता चलाते हैं मेडिकल स्टोर
प्रकृति वर्मा ने नीट-2026 परीक्षा में सफलता प्राप्त कर इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश पाया है।

आईजीएमसी शिमला में एमबीबीएस करेगी दियाड़ा की प्रकृति।
HighLights
प्रकृति वर्मा ने नीट-2026 परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की।
उनका चयन आईजीएमसी शिमला में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए हुआ।
कड़ी मेहनत और अनुशासन से उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया।
संवाद सहयोगी, बडूही। उपमंडल अंब की ग्राम पंचायत दियाड़ा की प्रकृति वर्मा ने नीट-2026 परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
उनका चयन इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। इस उपलब्धि पर परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
प्रकृति वर्मा, भुवनेश कुमार और अंजलि की पुत्री हैं। उनके पिता कुठेहड़ा जसवालां में निजी क्लीनिक चलाते हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े परिवार में पली-बढ़ी प्रकृति ने बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना देखा था और लगातार मेहनत व अनुशासित अध्ययन के बल पर उसे साकार किया।
स्वजन के अनुसार नीट की तैयारी के दौरान प्रकृति ने नियमित अध्ययन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया और कठिन प्रतिस्पर्धा के बावजूद लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा।
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उनकी सफलता से क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिली है। प्रकृति के दादा स्व. हरभजन वर्मा भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके थे। परिवार में उनका छोटा भाई आस्तिक वर्मा भी पढ़ाई कर रहा है।
