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ऊना की सड़कों पर हादसों को न्योता दे रहे ओवरलोड टिप्पर, राहगीरों के लिए बने खतरा; रोड पर बिखरी बजरी से फिसल रहे वाहन

Published: Sat, 17 Oct 2026 09:29 PM (IST)

ऊना में ओवरलोड मालवाहक टिप्परों से सड़कों पर खनन सामग्री गिरने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। पुलिस और ...और पढ़ें

सड़कों पर हादसों को न्योता दे रहे ओवरलोड टिप्पर। फोटो जागरण

सड़कों पर हादसों को न्योता दे रहे ओवरलोड टिप्पर। फोटो जागरण

HighLights

  1. ऊना में ओवरलोड टिप्परों से सड़कों पर गिर रही सामग्री।

  2. खनन सामग्री गिरने से दोपहिया वाहन चालकों को खतरा।

  3. पुलिस और खनन विभाग की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।

जागरण संवाददाता, ऊना। ऊना मुख्यायलय में मुख्य मार्ग धर्मशाला चंडीगढ़ पर सुबह और शाम सैर करते हुए मनोज कुमार व राजीव कुमार की ओवरलोड मालवाहकों को लेकर चिंता गंभीर है। यहां रोजमर्रा सड़क पर सैर उनकी सेहत की चिंता को दूर कर रही है, दूसरी ओर सड़कों पर दौड़ रहे तेज रफ्तार ओवरलोड मालवाहक उनकी जान पर खतरा भी पैदा कर रहे हैं।

किसी में बिना ढके मिट्टी, किसी में बजरी तो किसी में रेत बेतहाशा लदा है। शनिवार को भी उन्होंने ओवरलोड टिप्परों को गुजरते हुए देखा तो इनमें से रेत और बजरी की सामग्री क्षमता से अधिक लदी हुई थी। कई टिप्परों में इस सामग्री को ढकने के बावजूद गुंबदनुमा सामग्री का ढेर आते जाते हुए राहगीरों ओर वाहनों के लिए संभावित खतरा बता रहे थे।

लोगों की जान पर खतरा बनकर मंडरा रहे ओवरलोड टिप्पर 

यह कहानी एक दिन की नहीं बल्कि आए दिन की है। जिस पर रोकथाम न तो कोई ऊना मुख्यालय में लगा सीसीटीवी कैमरा तय कर पा रहा है और ना ही पुलिस और खनन विभाग की चालान करने की कार्य प्रणाली। यही वजह है कि ओवरलोड टिप्पर लोगों की जान पर खतरा बनकर मंडरा रहे हैं।

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यह फोटो एआई की मदद से बनाई गई है

इन ओवरलोड टिप्परों के चलने की हद तो तब हो गई, जब यहां से गुजरने के बाद आगे मैहतपुर की ओर जाते समय रक्कड़ कालोनी में इनमें लदी सामग्री बजरी का ओवरलोड गुंबद बिखर कर मुख्य मार्ग पर गिरते हैं।

यहां नेशनल हाईवे के तीखे मोड़ पर गिरी बजरी पर कई दो पहिया वाहन चालक हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे तो चार पहिया वाहन चालकाें के पहिये भी यहां अनियंत्रित स्थिति के बीच बचते हुए दिखाई दिए। कुल मिलाकर यह सिलसिला सुबह से लेकर यहां शाम तक चलता रहा।

कुछ इंटरनेट मीडिया यूजर्स ने इस बजरी सामग्री के चित्र यहां-वहां डालकर प्रशासन को चेताया। लेकिन समाधान शून्य ही नजर आ रहा था।

क्यों हो रही ओवरलोडिंग?

ओवरलोडिंग का खेल टिप्पर चालक दोगुनी कमाई के चक्कर में करते हैं। यहां ढुलाई के लिए एक ही चक्कर में इतना माल लेकर जाना चाहते हैं कि उन्हें एक ही बार के टोल टैक्स में सामग्री का ज्यादा भाग मिल जाए। जिसे आगे जाकर वह मनचाहे दाम पर बिक्री कर अधिक मुनाफा कमा सकें।

दूसरा एक टिप्पर में भराई के समय ओवरलोड सामग्री के भी उतने ही पैसे देने पड़ते हैं जितने की उन्हें माल वाहकों में चिन्हित बॉडी में भराई के लिए देने पड़ते हैं।

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यह फोटो एआई की मदद से बनाई गई है

पुलिस के पास नहीं है अपना मापतोल कांटा

एसपी सचिन हिरेमठ ने बताया कि जिला पुलिस ऐसे मालवाहकों की रोकथाम के लिए चालान करती है। मालवाहकों में खनन सामग्री के ओवरलोड का पता लगाने के लिए उन्हें निजी कांटा मशीन पर लेकर जाना पड़ता है। जबकि सरकार स्तर पर कांटा व्यवस्था नहीं है। हालांकि, कांटा मशीन पर ओवरलोड तय होने पर संबंधित मालवाहक को पुलिस जब्त करती है।

आए दिन ऊना की सड़कों पर रेत बजरी से लोड मालवाहक आवागमन करते देखे जा सकते हैं। विड़ंबना है कि इन पर व्यापक कार्रवाई देखने को नहीं मिलती। ये मालवाहक अपने लिए और सड़क पर चल रहे दूसरों के लिए भी हादसों की संभावना को पैदा कर रहे हैं।

- मनोज कुमार कौशल, पूर्व सैनिक।

 

वरिष्ठ नागरिकों से लेकर महिला, पुरुषों आदि राहगीरों के लिए ऐसे ओवरलोड वाहन चिंता का विषय है ही, दूसरा सड़क पर चल रहे अन्य छोटे बड़े वाहन चालकों को भी इससे सड़क पर चलने में खतरा है।

- राजिंद्र शर्मा, वरिष्ठ नागरिक।