संवाद सहयोगी, ऊना : मांगों के समर्थन में जिले के सरकारी ठेकेदारों ने मोर्चा खोल दिया है। विभिन्न कार्यो पर केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी की दर 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने के निर्णय से सरकारी ठेकेदारों में रोष है। इसी रोष के चलते सोमवार को जिले के कई सरकारी ठेकेदार एमसी पार्क ऊना में जुटे। यहां पर सभी ने एकमत होकर केंद्र सरकार के इस निर्णय को सरासर गलत करार दिया।

उपायुक्त के माध्यम से एक ज्ञापन देकर इस निर्णय को केंद्र सरकार से वापस लेने की गुहार लगाई है। ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल देवेंद्र भुट्टो ने बताया कि सरकारी ठेकेदार पहले ही कई समस्यायों से जूझ रहे हैं। सरकार इनको राहत प्रदान करने की बजाय नई आफत इनकेसिर पर थोप रही है। अब सरकार जीएसटी 12 प्रतिशत से कम करने की बजाय बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर रही है। ठेकेदारों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांग को नहीं माना तो मजबूरन सरकारी निर्माण कार्यो को बंद करने पर विवश होना पड़ेगा। सरकार लेबर व डीजल पर भी जीएसटी ले रही है, जो सरासर गलत है। अगर जीएसटी 18 प्रतिशत की जाती है तो उपायुक्त कार्यालय के बाहर भी धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने सरकार से मांग की है कि एग्रीमेंट पंजाब पैटर्न पर किया जाए। टेंडर भरने के बाद ठेकेदारों को सिक्योरिटी भी छह-छह माह बाद मिल रही है। अगर अधिकारियों से इस बारे बात की जाए तो वे सरकार से बात करने का हवाला देते हैं। इन हालात में सरकारी ठेकेदार अव्यवस्था की चक्की में पिस रहा है जिसका समाधान सरकार को करना चाहिए। इस अवसर पर चंदन कुमार, वरुण पुरी, गणेश कुमार, प्रकाश चंद, इकबाल सिंह, आरसी शर्मा, तिलक सैनी, भूषण कुमार, प्रफुल्ल बेदी, महेश, विकास पुरी, राज कुमार, हरपाल सिंह, पुष्पिदर सिंह, शिव कुमार मौजूद रहे।

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