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डिप्टी CM के बयान से गरमाई हिमाचल की सियासत, हरोली भूमि घोटाले पर भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए उठाए सवाल

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 25 Jan 2026 03:27 PM (IST)

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के हरोली भूमि खरीद घोटाले पर बयान से हिमाचल की राजनीति गरमा गई है। उन्होंने भाजपा के ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के बयान से हिमाचल की राजनीति गरमाई।

  2. हरोली भूमि घोटाले पर भाजपा के आरोपों का दिया करारा जवाब।

  3. 28 करोड़ की बंजर जमीन खरीद में पिछली सरकार पर सवाल।

संवाद सहयोगी, गगरेट (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की ओर से ऊना जिले के हरोली में भूमि खरीद घोटाले पर इंटरनेट मीडिया पर दिए गए बयान से प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। अग्निहोत्री ने बिना नाम लिए भाजपा के एक वरिष्ठ नेता पर निशाना साधते हुए उत्तर दिया है और पूरे प्रकरण को 'ट्रेलर' बताते हुए आगे और खुलासों के संकेत दिए हैं।

उपमुख्यमंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा 'शीशे के घरों में रहने वाले पत्थर नहीं फेंका करते।' इसके बाद हरोली में हिमुडा से जुड़े भूमि खरीद मामले को लेकर प्रश्नों की शृंखला रखी। 

भूमि खरीद की तिथियां देखें

मुकेश का कहना है कि यदि भूमि खरीद की तिथियों को देखा जाए तो सहज ही समझ में आ जाएगा कि उस समय प्रदेश में सरकार किसकी थी। उन्होंने आगे लिखा कि कर्ज किसने लिया, 28 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी किस सरकार ने दी और 2019 व 2021 में किए गए भुगतानों की जिम्मेदारी किसकी बनती है, यह सब रिकार्ड में दर्ज तथ्य हैं, जिन्हें देखने के लिए विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं है। 

पहले से चल रही विजिलेंस जांच 

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस पूरे मामले में विजिलेंस जांच पहले से चल रही है और ऐसे में ज्यादा बोलने की आवश्यकता नहीं है। बयान के अंत में उन्होंने लिखा कि 'यह महज ट्रेलर है, फिल्म अभी बाकी है।'

दस्तावेज साझा किए 

भाजपा की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच उपमुख्यमंत्री ने दस्तावेजों, तिथियों और सरकारी निर्णयों का हवाला देकर विपक्ष को घेरा है। ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र में हिमुडा (हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण) से जुड़े जमीन मामले में उपमुख्यमंत्री ने जो दस्तावेज साझा किए हैं, उसमें कर्ज की तिथि 13 फरवरी, 2019 अंकित है। मामले में 13 अलग-अलग एंट्री के माध्यम से 24,03,58,888 रुपये दर्शाए गए हैं और वर्ष 13 फरवरी, 2019 से लेकर 16 मार्च, 2019 तक का रिकार्ड साझा किया है।

बंजर जमीन करोड़ों में खरीदी

हिमुडा ने फ्लैट्स/आवास निर्माण के लिए करीब 600 कनाल भूमि खरीदी। आरोप है कि बंजर, खड्डों, नालों और ढलानों वाली अनुपजाऊ जमीन खरीदी गई। इसके लिए सरकारी खजाने से 28 करोड़ रुपये खर्च किए गए। आरोप है कि यह जमीन फ्लैट बनाने लायक नहीं थी, क्योंकि यह पूरी तरह बंजर और असमतल थी। राजस्व विभाग और हिमुडा अधिकारियों की कथित मिलीभगत से जमीन का मूल्यांकन गलत और अधिक करके दिखाया गया। इसकी विजिलेंस जांच चली हुई है। आरोप यह भी है कि एक व्यक्ति को लाभ देने के लिए यह पूरा सौदा किया गया।

जमीन का सौदा किसकी सरकार में हुआ और किसने यह सारा घोटाला किया है, मैं दस्तावेज सहित साबित कर रहा हूं। इस मामले की जांच विजिलेंस कर रही है जिसमें सब कुछ साफ हो जाएगा।
-मुकेश अग्निहोत्री, उपमुख्यमंत्री।

अब सवाल ये हैं

  • अगर भूमि खरीद और भुगतान पुराने हैं तो अब प्रश्न क्यों उठ रहे हैं? 
  • विजिलेंस जांच किस चरण में है और उसकी समय-सीमा क्या है? 
  • क्या सरकार जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी? 
  • क्या यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा या कानूनी नतीजे तक पहुंचेगा? 

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