111 फीट ऊंचा और 25 लाख लीटर क्षमता, हरोली में बना 'बीत का बुर्ज खलीफा' जो 11 गांवों की बुझाएगा प्यास
अमराली में 12.59 करोड़ रुपये की लागत से बना 111 फीट ऊंचा जल भंडारण टैंक बीत क्षेत्र के 11 गांवों की 27,215 आबादी को 25 लाख लीटर पानी उपलब्ध कराएगा।
-1789806100094_m.webp)
27 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा पानी।
HighLights
अमराली में 111 फीट ऊंचा जल भंडारण टैंक तैयार
25 लाख लीटर क्षमता से 11 गांवों को मिलेगा लाभ
स्थानीय लोगों ने दिया 'बीत का बुर्ज खलीफा' नाम
जागरण संवाददाता, हरोली। हरोली बीत क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को मजबूती देने के लिए अमराली में तैयार किया गया विशाल जल भंडारण टैंक अपनी ऊंचाई के साथ-साथ क्षमता के कारण भी खास है।
करीब 12.59 करोड़ रुपये की लागत से बने इस टैंक में 25 लाख लीटर पानी संग्रहित किया जा सकेगा। इससे बीत क्षेत्र के 11 गांवों की करीब 27,215 आबादी को जलापूर्ति का लाभ मिलेगा।
टैंक को दिया गया खास नाम
सड़क किनारे खड़ा यह टैंक करीब 34 मीटर यानी 111 फीट 6 इंच ऊंचा है, जिसे स्थानीय लोगों ने इसकी ऊंचाई के कारण ‘बीत का बुर्ज खलीफा’ नाम दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसकी ऊंचाई दूर से ही आकर्षित करती है और यह क्षेत्र की नई पहचान बन गया है।
अमराली के टैंक में करीब 25 मीटर यानी 82 फीट की स्टेजिंग और करीब 9 मीटर यानी 29 फीट 6 इंच ऊंचा कंटेनर है। ट्यूबवेल स्रोतों से मिलने वाले पानी को इसमें संग्रहित कर आवश्यकता के अनुसार विभिन्न गांवों में पहुंचाया जाएगा।
ऊंचाई पर पानी का भंडारण होने से जरूरत के समय जलापूर्ति व्यवस्था को अतिरिक्त सहारा मिलेगा।
जल शक्ति विभाग हरोली के अधिशासी अभियंता पुनीत शर्मा के अनुसार परियोजना से 11 गांवों की करीब 27,215 आबादी लाभान्वित होगी। उन्होंने बताया कि ट्यूबवेल से पानी लेकर टैंक में संग्रहित किया जाएगा और मांग के अनुसार आपूर्ति की जाएगी।
बीत में बदली जल व्यवस्था की तस्वीर
ग्राम पंचायत छेत्रां के पूर्व प्रधान विकास राणा ने कहा कि क्षेत्र में पेयजल सुविधाओं के विस्तार से लोगों को राहत मिली है। उन्होंने टैंक को स्थानीय अंदाज में ‘बुर्ज खलीफा’ बताते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रयासों से पानी की व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है।
हरोली क्षेत्र में पोलियां में 50 लाख और दुलैहड़ में 25 लाख लीटर क्षमता के टैंक भी बनाए गए हैं। इसके अलावा करीब 75 अन्य जल भंडारण टैंक तैयार किए जा चुके हैं।
पेयजल के साथ सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से बीत क्षेत्र में नकदी फसलों की खेती को भी बढ़ावा मिला है। अमराली का टैंक इसी बदलती व्यवस्था का हिस्सा है, जो पानी के स्रोतों के साथ पर्याप्त भंडारण क्षमता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
