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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'हनुमान जी थे अंतरिक्ष के पहले यात्री', अनुराग ठाकुर का बड़ा बयान; अध्यापकों को दे दी नसीहत

Published: Sun, 24 Aug 2025 11:21 PM (IST)Updated: Mon, 25 Aug 2025 02:00 AM (IST)

पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पीएम श्री नवोदय विद्यालय पेखूबेला में बच्चों द्वारा बनाए गए विजिटिंग कार्डों की सराहना ...और पढ़ें

अपनी हजारों वर्ष परंपराएं व वेशभूसा का ज्ञान होना चाहिए: अनुराग ठाकुर
अपनी हजारों वर्ष परंपराएं व वेशभूसा का ज्ञान होना चाहिए: अनुराग ठाकुर

HighLights

  1. अनुराग ठाकुर ने छात्रों के विजिटिंग कार्डों की सराहना की
  2. छात्रों के सामान्य ज्ञान की अनुराग ठाकुर ने प्रशंसा की
  3. प्राचीन ज्ञान और संस्कृति पर जोर दिया गया

जागरण संवाददाता, ऊना। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने पीएम श्री नवोदय विद्यालय पेखूबेला में शनिवार देरसांय आयोजित कार्यक्रम में को बतौर मुख्यातिथि शिरकत की थी। यहां पर बच्चों की तरफ से बनाए गए विजिटिंग कार्ड की यहां जमकर सराहना करते हुए कहा कि यह विजिटिंग कार्ड अपने साथ लेकर जा रहे है।

इन्हें सरकारी स्कूलों समेत अन्य शिक्षिण संस्थाओं को इस बारे जानकारी दूंगा। यहां के बच्चों को देखकर लगा कि इनके पास शिक्षा के साथ-साथ काफी सामान्य ज्ञान भी है।

उन्होंने जब अपने भाषण में बच्चों को पूछा की पहला अंतरिक्ष यात्री कौन था? इस पर सभागार में बैठे काफी छात्रों ने जबाव दिया कि नील आर्मस्ट्रांग। इस पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि मुझे तो लगता है भगवान श्री हनुमान जी थे। अध्यापकों को देखना पड़ेगा कि परीक्षा में बच्चें हनुमान जी न लिख दें और लिख दें तो नंबर न काटेंगे।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि क्योंकि अभी तक भी हम अपने आप को देख रहे हैं। हम अपने हजारों वर्ष पुरानी परंपरा, ज्ञान,संस्कृति का जब तक ज्ञान नहीं होगा तो जो अंग्रेजों से सिखाया।

वहीं, तक सीमित होकर रह जाएंगे। उन्होंने स्कूल के प्रधानाचार्य व शिक्षिकों से अनुरोध किया कि टेक्स्ट बुक से बाहर निकल कर जो हमारे वेशभूसा, परंपराएं व ज्ञान है। उस दिशा की तरफ मिलकर देंखे तो काफी कुछ देखने को मिलेगा।