संवाद सहयोगी, चितपूर्णी : कोरोना की दूसरी लहर ने विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों के बीच दूरी बढ़ा दी है। बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच विद्यार्थी घर तक सिमटकर रह गए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को शिक्षा व करियर की चिता सताने लगी है। इस विषय को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की पहली शिपिग कंपनी वीआर मैरीटाइम प्रा. लिमिटेड ने शुक्रवार को कोरोनाकाल में शिक्षा और करियर को लेकर चुनौती विषय पर वेबिनार का आयोजन किया, जिसमें देश के अलग-अलग स्थानों के पांच करियर विशेषज्ञों और राजकीय महाविद्यालय चितपूर्णी के 70 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

वीआर मैरीटाइम के प्रबंध निदेशक व नेशनल शिपिग बोर्ड के सदस्य कैप्टन संजय पराशर ने कार्यक्रम में कहा कि कोरोना के बाद सारे विश्व की दशा व दिशा बदल गई है। ऐसे में बदलाव के इस दौर में विद्यार्थियों को हर क्षेत्र में खुद को साबित करना चुनौती होगा और उन्हें ऑनलाइन माध्यम से भी शिक्षा ग्रहण करने की आदत डालनी होगी। करियर बनाने के लिए लगन व परिश्रम से पढ़ाई करनी होगी।

कार्यक्रम में छात्राओं कनिका, अर्चना और साक्षी ने विशेषज्ञों से करियर संबंधी प्रश्न पूछे। कनिका ने कॉमर्स करने के बाद सीए में कैसे जाया जाए, और अंशिका ने पूछा कि हमारी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ हमें नौकरी और व्यवसाय कैसे किया जाए। इस पर विशेषज्ञों की टीम ने जवाब दिए जिससे विद्यार्थी संतुष्ट नजर आए।

कॉलेज प्राचार्य डा. एसके बंसल ने कहा कि महाविद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम बनाने का मुख्य उद्देश्य केवल बच्चों को अपनी पढ़ाई के अलावा नौकरी से संबंधित कोचिग देना भी है। बीए और बीकॉम करने के बाद क्या करना है, इस संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी और इससे संबंधित लगातार विशेषज्ञों के साथ स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से चर्चा कराई जाएगी। वेबिनार में विशेषज्ञ सचिन अग्रवाल सीए मुंबई से, निलेश पटेल अहमदाबाद, गुजरात, करियर कांउसलर सौरभ गिरधर गुजरात और चैन्नेई से संजीव वकील ने भी विद्यार्थियों को शिक्षा व करियर के संबंध में आसान टिप्स दिए।