संवाद सहयोगी, ऊना : कोरोना मरीजों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ऊना भी भी ट्रू नेट ऑटोमेटिक मशीन स्थापित करने जा रहा है। यह मशीन क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन के पास पहुंच चुकी है। एक सप्ताह के भीतर कोविड-19 टेस्ट जिला में ही संभव हो पाएंगे। इससे बढ़ी राहत जिलावासियों सहित कोरोना संदिग्ध एवं संक्रमितों को मिलेगी। टीबी मरीजों की जांच करने वाले पांच लैब तकनीशियनों को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दे दिया गया है।

फिलहाल कोरोना वायरस की जांच के लिए सैंपल डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा भेजे जा रहे हैं। वहां से रिपोर्ट आने में अगले दिन तक का इंतजार करना पड़ता है। कई बार यह इंतजार दो दिन तक का हो जाता है। दूसरा कांगड़ा में कोविड-19 टेस्ट सैंपल भेजने के लिए घंटों के सफर से भी स्वास्थ्य विभाग को निजात मिलेगी।

टेस्ट शुरू करने की गाइडलाइन आने का इंतजार

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की माने तो कोविड-19 की जांच के लिए ऊना पहुंची स्वदेशी निर्मित ट्रू नेट मशीन मूल रूप में टीबी के मरीजों की जांच के लिए इस्तेमाल की जाती है। कोरोना जांच करने में एक से दो घंटे के बीच रिपोर्ट का पता चल जाता है। ऐसे में ऊना में रोजाना लगभग 50 से डेढ सौ के सैंपल जांच के लिए टांडा अस्पताल भेजे जा रहे हैं। इनका टेस्ट अब ऊना में संभव हो पाएगा तथा परिणाम भी चंद घंटों में आएगा।

कोविड-19 सर्विलांस अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने बताया कि ट्रू नेट मशीन से टेस्ट करने वाले पांच लैब तकनीशियनों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दे दिया गया है। जल्द ही यहां पर कोरोना सैंपल की जांच शुरू कर दी जाएगी।

---------------

ऊना स्वास्थ्य प्रबंधन के पास कोविड-19 टेस्ट करने के लिए ट्रू नेट मशीन आ गई है। उच्चाधिकारियों की गाइडलाइन का इंतजार है। जल्द ही ऊना में टेस्ट प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

डॉ. रमन कुमार शर्मा, सीएमओ ऊना।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस